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बच्चों को यौन उत्पीड़न की महामारी से बचाना होगाः कैलाश सत्यार्थी

25_09_2017-kailash-in-ranchi
कैलाश सत्यार्थी ने हिंसा के लिए नक्सलियों द्वारा बच्चों के इस्तेमाल को मानवता के साथ अन्याय बताया।

रांची, — नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने आज रांची में कहा कि महामारी की तरह घरों, स्कूलों व समाज में यौन उत्पीड़न की महामारी घुस गई है। सरकार, समाज, धर्म गुरुओं व कारपोरेट को मिलकर बच्चों को बचाना होगा।

इस दौरान उन्होंने हिंसा के लिए नक्सलियों द्वारा बच्चों के इस्तेमाल को मानवता के साथ अन्याय बताया।

इससे पहले कैलाश सत्यार्थी ने रांची में भारत यात्रा मार्च को हरी झंडी दिखाई। प्रदेश में यात्रा का आयोजन झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेंस फांउडेशन की ओर से किया गया।

यह जानकारी आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर ने आयोग के सभागार में दी।

भारत यात्रा की शुरुआत सोमवार को रिम्स ऑडिटोरियम में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल द्रौपदी मुमरू मौजूद रहीं। विशिष्ट अतिथि के तौर पर विधानसभा के स्पीकर प्रो. दिनेश उरांव, पद्मश्री मुकुंद नायक, कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो थे।

बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष और सदस्य में ठनी

राज्य ब्यूरो, रांची : झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य डॉ. मनोज कुमार नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी से जुड़े कार्यक्रमों में शिरकत नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप मढ़ा है कि आयोग में मनमानी चरम पर है। सोमवार को प्रस्तावित ‘सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भारत’ कार्यक्रम के संदर्भ में आयोग के सदस्यों से न तो कोई राय मशविरा की गई और न ही सदस्यों को इस कार्यक्रम की कोई जानकारी है।

यह भी आरोप लगाया कि छह महीने से जहां आयोग की सदस्यों के साथ एक भी बैठक नहीं हुई है, वहीं बच्चों से संबंधित कोई जनसुनवाई नहीं हुई। और तो और विधानसभा में कोई रिपोर्ट तक पेश नहीं की गई। आयोग की मनमानी की सूचना एक महीने पूर्व मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री और विभागीय सचिव को भी दी गई है।

इधर, आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर ने डॉ. मनोज कुमार की बातों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के संबंध में बुलाई गई पहली बैठक में वे शामिल नहीं हुए। दूसरी बैठक में उनकी मौजूदगी में कार्यक्रम तय हुआ। अन्य सदस्य भी इन बैठकों में मौजूद थे। सभी सदस्यों को इस कार्यक्रम की जानकारी है।

कैलाश सत्यार्थी की यह देशव्यापी यात्रा है। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने संबंधित राज्यों के आयोग से इसमें स्वयं बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने को कहा है। ऐसे में सदस्यों को स्वयं भी आगे आना चाहिए। जहां तक रिपोर्ट पेश करने की बात है, स्थापना दिवस से पूर्व इसे पेश किए जाने की तैयारी है

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