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झारखंडः रघुवर के राज में भूख का तांडव, बच्ची के बाद रिक्शा चालक की मौत

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झारखंड के सिमडेगा में भूख से मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि धनबाद के झरिया में एक रिक्शा चालक की भूख से मौत हो गई है. बताया जाता है कि 40 वर्षीय बैजनाथ दास के घर में अनाज का एक दाना भी नहीं था, भोजन नहीं मिलने के कारण वह बीमार हो गया था.

दास की मौत की सूचना के बाद झारखंड प्रशासन ने राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20 हजार रुपये का चेक पत्नी को सौंपा है. राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

भूख से मरी बच्ची की मां को गांव निकाला

बता दें कि झारखंड के सिमडेगा जिले के एक गांव में 28 सितंबर को भूख के कारण मौत का शिकार हुई 11 साल की बच्ची की मां कोयली देवी को उसके गांव से बाहर निकाल दिया गया है.

खबरों के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने महिला पर गांव की बदनामी करने का आरोप लगाया है. डरी सहमी महिला ने बाद में पंचायत घर में आश्रय लिया है. सिमडेगा जिला प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों से मामले की जांच करने को कहा है.

कोयली की सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती

कोयली देवी को मिल रही धमकियों पर झारखंड के खाद्य मंत्री सरयू राय ने कहा कि अगर कोई भी कोयली देवी को धमकाता है, तो उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा. हमने सुनिश्चित किया है कि उन्हें अब कोई समस्या न हो.

कोयली देवी की सुरक्षा के लिए पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं. कोयली का आरोप था कि गांव वाले उन्हें गालियां दे रहे हैं और धमका रहे हैं.

खाद्य सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर काम कर रहे एक संगठन द्वारा 15 अक्टूबर को खबर दिखाने के बाद मामला सामने आया था.

भूख से मर गई कोयली की बिटिया

बच्ची की मां ने एक बयान में कहा था कि उसकी बेटी की मौत भूख के कारण हुई है. साथ ही उसके परिवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत दुकानदार ने खाद्य अनाज नहीं दिया क्योंकि उसका आधार कार्ड, राशन कार्ड से जुड़ा हुआ नहीं था.

सिमडेगा जिला प्रशासन ने अब तक कहा है कि बच्ची संतोषी मलेरिया से पीड़ित थी और उसी बीमारी के कारण उसकी मौत हुई है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने हालांकि दावे को खारिज कर दिया है.

रघुवर दास ने किया सिमडेगा का दौरा

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मंगलवार को सिमडेगा जिले का दौरा किया था और उपायुक्त मंजुनाथ भजनतरी से कथित तौर पर भूख से हुई मौत के मामले में विस्तृत जांच रपट की मांग की थी.

बच्ची की मौत के बाद राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि पीडीएस दुकानों पर खाद्य अनाज पहचान पत्र दिखाकर वितरित किया जाएगा.

 

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