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‘अमेठी’ में मिली जीत को सियासी हथियार बनाएगी BJP!

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गुजरात में चल रहे सियासी घमासान में बीजेपी अब उत्तर प्रदेश के नगरीय निकाय को एक बड़ा सियासी हथियार बना कर पेश करने वाली है. उत्तर प्रदेश के नगरीय निकाय में मिली जीत बीजेपी के लिए गुजरात में एक बड़े अवसर के तौर पर देखी जा रही है.

खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में यूपी के स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजे आने से पहले उसमें बीजेपी की जीत की बात कही थी. अब निकाय चुनावों के परिणाम सामने आने के बाद बीजेपी को गुजरात में यूपी मॉडल पेश करने का एक मौका मिल गया है.

नए मेयरों से चाय पर मिलेंगे पीएम मोदी
मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी निकाय चुनावों में जीते पार्टी के 14 मेयरों के साथ चाय पर मिलेंगे. खास बात ये है कि 70 नगर पालिका और 100 नगर पंचायत जीतने वाली बीजेपी ने पूरे प्रदेश में से चुन कर सिर्फ अमेठी से ही जायस नगर पालिका और अमेठी नगर पंचायत के अध्यक्ष को पीएम के साथ चाय पर मुलाकात के लिए भेजने का फैसला किया है. इस मुलाकात में सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे.


नगर निकाय के नए चेहरों के लिए अभिनंदन समारोह
पार्टी सूत्रों की मानें, तो नगरीय निकाय के इन चेहरों को सिर्फ पीएम के साथ चाय तक नहीं रोका जाएगा. पार्टी गुजरात में एक ‘सार्वजनिक अभिनंदन समारोह’ आयोजित कर इन सभी को गुजरात में पेश करना चाहती है. गुजरात में बीजेपी पर लगातार वार कर रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को सियासी जवाब देने के लिए पार्टी ने गुजरात में होने वाले इस अभिनंदन समारोह में भी अमेठी के जीते हुए चेहरों को बुलाने की योजना बनाई है. माना जा रहा है कि 6 या 7 दिसंबर को पार्टी पहले चरण के मतदान से पहले इस आयोजन को अहमदाबाद में करना चाहती है.

अमेठी के लोग अब बीजेपी के साथ
इस योजना के बारे में पूछने पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कहते हैं, “ये हमारा सौभाग्य है कि हमारे राज्य के कार्यकर्ताओं का गुजरात में अभिनंदन किया जाना है. अमेठी के लोगों ने बता दिया है कि अमेठी अब कांग्रेस के नहीं, बल्कि बीजेपी के साथ है.”

गोरखपुर पर जवाब मांगेगी कांग्रेस
इस बारे में कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी एक बार गुजरात में अमेठी की बात तो करे, फिर उन्हें गोरखपुर का भी जवाब देना होगा. पार्टी के नेता और एआईसीसी के सदस्य सुबोध श्रीवास्तव कहते हैं, “अमेठी की नौटंकी करने वाले एक बार अमेठी की बात तो करें, फिर हम उनसे पूछेंगे कि गोरखपुर में सीएम के वार्ड से ही बीजेपी की हार क्यों हो गई? उन्हें अपनी नौटंकी का जवाब देना होगा.”

यूपी के कारण गुजरात में बढ़ रहा चुनावी पारा
हालांकि, जिस तरीके से गुजरात चुनाव में यूपी के कारण पारा बढ़ रहा है, चुनाव उतना ही दिलचस्प होता जा रहा है. जिस दौरान बीजेपी ये अभिनंदन समारोह करने की योजना बना रही है, उसी दौरान राज्य में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मौजूद होंगे. तो वहीं राज्य के मेयरों और अमेठी के अध्यक्षों की पीएम से चाय पर मुलाकात खत्म होते तक बसपा सुप्रीमो मायावती गुजरात में अपनी रैली शुरू कर रही होंगी. अब अमेठी का वार यूपी में मिली जीत की तरह गुजरात में पार्टी को फायदा दिला पाएगा या नहीं ये 18 दिसंबर को गुजरात के चुनाव परिणाम के साथ ही साफ हो पाएगा.

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