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कोरियाई प्रायद्वीप में अमेरिकी बमवर्षक का युद्धाभ्यास

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सियोल. अमेरिकी वायुसेना के सुपरसोनिक बमवर्षक बी-1बी ने दक्षिण कोरिया के साथ व्यापक संयुक्त हवाई अभ्यास के तहत कोरियाई प्रायद्वीप में उड़ान भरी. अमेरिका के इस बमवर्षक विमान ने उत्तर कोरिया की ओर से लगातार मिल रही हथियारों की चुनौतियों के बीच अभ्यास किया है. जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ(जेसीएस) के अनुसार, रडार से बच निकलने वाले कई अमेरिकी एफ-35 (स्टील्थ जेट) व एफ-16 युद्धक विमान और दक्षिण कोरिया के एफ-15 केएस व केएफ-16एस ने संयुक्त रूप से गेंगवॉन प्रांत के पिलसुंग फायरिंग रेंज में हवाई अभ्यास किया.

समाचार एजेंसी योनहप के अनुसार, यह वार्षिक सतर्कता एसीई संयुक्त हवाई अभ्यास के तहत किया जाने वाला अभ्यास है. पांच दिन तक चलने वाला यह संयुक्त हवाई अभ्यास सोमवार को शुरू हुआ. इस अभ्यास में 24 एफ-22 व एफ-34 स्टील्थ विमानों ने हिस्सा लिया. कोरियाई प्रायद्वीप में यह अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त हवाई अभ्यास है, जिसमें 230 विमान और 12,000 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं.

जेसीएस के अनुसार, इस अभ्यास के द्वारा, दक्षिण कोरियाई व अमेरिकी वायुसेना ने अपने गठबंधन की मजबूत इच्छाशक्ति और उत्तर कोरिया के परमाणु व मिसाइल खतरे से निपटने के लिए करारा जवाब देने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है. इससे पहले भी अमेरिका उत्तर कोरिया के विरुद्ध अपने शक्ति प्रदर्शन के लिए बी-1बी को दक्षिण कोरिया में तैनात करता रहा है. इससे पहले इसे नवंबर में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दक्षिण कोरिया यात्रा के पहले तैनात किया गया था.

यह अभ्यास ऐसे समय हो रहा है, जब संयुक्त राष्ट्र के राजनीतिक प्रमुख जफरी फेल्टमेन वार्ता के लिए उत्तर कोरिया में है. उत्तर कोरिया ने 29 नवंबर को ह्वासोंग-15 का परीक्षण किया था, जो कि अबतक का सबसे विकसित अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) परीक्षण था और इसके साथ ही उत्तर कोरिया अमेरिका में परमाणु हमला करने की क्षमता के काफी करीब पहुंच गया है.
योनहप ने अज्ञात अधिकारी के हवाले से बताया कि दक्षिण कोरियाई सेना ड्रोन युद्ध इकाई ‘ड्रोनबोट्स’ को अगले वर्ष लांच करने की योजना बना रही है.

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