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लंदन के मेयर ने कहा, जलियांवाला बाग नरसंहार के लिए ब्रिटिश सरकार माफी मांगे

06_12_2017-mayernnn
लंदन के मेयर सादिक खान ने कहा है कि ब्रिटिश सरकार को जलियांवाला नरसंहार के लिए माफी मांगनी चाहिए। शहीदों को श्रद्धांजलि देेेेने के बाद उन्होंने विजिटर बुक में यह लिखा।

 अमृतसर। लंदन के मेयर सादिक खान ने कहा है कि ब्रिटिश सरकार को जलियांवाला बाग के नर‍संहार के लिए भारत आैर पंजाब से माफी मांगनी चाहिए। उन्‍होंने जलियांवाला बाग हत्‍याकांड को बर्बर करार दिया। उन्‍होंने बुधवार को गुरुनगरी में श्री हरिमंदिर साहिब में दर्शन किया और जलियांवाला बाग में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्‍होंने श्री दरबार सा‍हिब में दर्शन करने के बाद लंगर भी चखा और सेवा भी की।

लंदन के मेयर जलियांवाला बाग पहुंचे और शहीदों को श्रद्धांजलि देते समय बेहद भावुक हो गए। उन्‍होंने पूरे जलियांवाला बाग का अवलाेकन किया। वह शहीद स्‍मारक पर गए और श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्‍होंने शहीदी कुंआ भी देखा। सादिक खान लंदन के पहले मुसलिम मेयर हैं। जलियांवाला बाग के नरसंहार का इतिहास सुन कर वह काफी भावुक हो गए। इस दौरान सादिक खान ने विजिटर बुक पर भी अपने उद्गार लिखे। उन्‍होंने लिखा- समय आ गया है कि ब्रिटिश सरकार को जलियांवाला बाग के हत्याकांड के लिए माफी मांगनी चाहिए। जलियांवाला बाग में मारे गए निर्दोषों की आत्माओं को मैं श्रद्धासुमन भेंट करता हूं।’

उन्‍होंने लिखा, ‘वर्ष 1919 के वैशाखी वाले दिन हुई इस घटना में मारे गए लोगों की प्रति उनकी संवेदनाएं है। वैशाखी वाले दिन हुई इस घटना को हम कभी नहीं भुला सकते। जलियांवाला बाग में  आना हमेशा यादगार रहेगा।’

जालियांवाला बाग में दीवारों पर गाेली के निशान देखकर भावुक हो गए लंदन के मेयर सादिक खान।

वह बुधवार सुबह श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद सादिक खान जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि भेंट करने के लिए गए। इस दौरान उन्होंने जलियांवाला बाग के उस शहीदी कुंए को भी देखा जिसमें  सैंकड़ों लोग जरनल डायर व अंग्रेज पुलिस की गोलियों से बचने के लिए कूद गए थे। इस के बाद सादिक खान ने जलियांवाला बाग की उन दीवारों को भी देखा जहां आज भी 1919  में चलाई गई गोलियों के निशान हैं।

जलियावाला बाग में मीडिया के साथ बातचीत करते हुए साजिद खान ने कहा, मेरा अमृतसर आना जीवन भर के लिए एक यादगार दौरा है। श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शन कर मुझे आंत्मिक शांति व आनंद की आभूति हुई। श्री हरिमंदिर साहिब में चल रही लंगर प्रथा देख कर मानवता की भलाई के लिए चल रहे कार्यों की एक जीवंत मिसाल देखने को मिली।

उन्‍होंने कहा कि उन्‍हें इस जानकारी बड़ी खुशी महसूस हुई है कि श्री हरिमंदिर साहिब के निर्माण का नींव पत्थर एक मुसलिम फकीर ने रखा था। मुसलमानों व सिखों की यह सदियों पुरानी सांझ का प्रतीक है। यही सांझ आज भी कायम है। श्री हरिमंदिर साहिब में लाखों लोग रोज लंगर शकते है यह दुनिया में मानवता की कल्याण की अद्वितीय मिसाल है।

सुबह सादिक खान पहले श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेेकने के लिए गए । हरिमंदिर साहिब के सूचना केंद्र में एसजीपीसी के मुख्य सचिव डा रूप सिंह , एसजीपीसी अध्यक्ष के पीए जगजीत सिह जग्गी और कार्यकारिणी कमेटी के सदस्य एडवोकेट भगवंत सिंह सियालका ने उनका स्वागत किया। एसजीपीसी के सूचना अधिकारी जसविंदर सिंह जस्सी और अमृतपाल सिंह उनकों सिख इतिहास और श्री हरिमंदिर साहिब के इतिहास के संबंध में जानकारी प्रदान की।

श्री हरिमंदिर साहिब में लंदन के मेयर सा‍दिक खान।

सादिक खान श्री गुरु राम दास लंगर भवन में भी गए। इस दौरान उन्होंने लाखों श्रद्धालुओं के लिए तैयार होते लंगर की व्यवस्था को देखा। उन्‍होंने पंगत में बैठ का लंगर भी छका।  श्री हरिमंदिर साहिब सचखंड में नतमस्तक होने के उपरांत उनको फूलों का हार व पसाते भेंट कर सम्मानित किया गया।

सादिक खान ने गुरूघर के कड़ाह प्रसाद भी गृहण किया। श्री हरिमंदिर साहिब में अलग अलग इतिहासिक गुरूद्वारों , पवित्र स्थानों और श्री अकाल तख्त साहिब के संबंध में भी खान ने जानकारी हासिल की। सूचना केंद्र में एसजीपीसी के मुख्य सचिव व अन्य अधिकारियों की ओर से श्री हरिमंदिर साहिब का माडल, सिरोपा और सिख इतिहास की पुस्तकें भेंट करके सम्मानित किया गया। इस दौरान सादिक खान ने कहा कि सिखों ने कड़ी  मेहनत कर इंगलैंड की तरक्की में अहम योगदान डाला है। यह अति महत्वपूर्ण है।

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