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योगी सरकार ने 22 महत्वपूर्ण फैसलों पर लगाई मंजूरी की मुहर

05_12_2017-yogiiiiii
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 22 महत्वपूर्ण फैसलों पर मंजूरी की मुहर लगाई। नई ऊर्जा नीति, बंदी रक्षकों की लिखित परीक्षा और पुलिस इंस्पेक्टरों का वरिष्ठाता के आधार पर प्रमोशन होगा।

लखनऊ -उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने 22 महत्वपूर्ण फैसलों पर अपनी मंजूरी की मुहर लगा दी। सीएम योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट की मैराथन बैठक में सौर ऊर्जा नीति में बदलाव किया गया है। इसके तहत 10000 लोगों को रोजगार के अवसर मुहैया होंगे। उन्हें सूर्य मित्र का दर्जा दिया जाएगा। तीन तलाक पर केंद्र सरकार के बनाए जा रहे कानून को राज्य सरकार ने सहमति प्रदान की है। कारागार की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले बंदीरक्षकों की भर्ती अब लिखित परीक्षा से होगी। उप निरीक्षक के 50 प्रतिशत पदों तथा निरीक्षक के शत-प्रतिशत पदों को ज्येष्ठता के आधार पर भरने का प्रावधान किया गया है और बीस हजार लंबित मुकदमें खत्म हो जाएंगे।

खत्म होंगे बीस हजार लंबित छोटे मुकदमे

राज्य सरकार ने अदालतों में लंबित छोटे मुकदमों को खत्म करने के लिए उत्तर प्रदेश दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) में संशोधन की अवधि बढ़ा दी है। इससे अदालतों में लंबित 107 और 109 सीआरपीसी के 20 हजार लंबित मुकदमे जल्द निस्तारित हो सकेंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट के महानिबंधक ने इसके लिए सरकार को उत्तर प्रदेश दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) संशोधन अधिनियम-1979 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या-35 सन 1979) के आधार पर संशोधन विधेयक लाने का सुझाव दिया था। इसके आधार पर राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में उत्तर प्रदेश दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) संशोधन अधिनियम-1979 की धारा-9 की उपधारा (2) में एक जनवरी 2013 के स्थान पर 31 दिसंबर, 2015 करने को मंजूरी दी गई।

वरिष्ठता के आधार पर इंस्पेक्टरों के प्रमोशन

प्रस्तावित ‘उत्तर प्रदेश उप निरीक्षक और निरीक्षक (नागरिक पुलिस) सेवा (तृतीय संशोधन)-2017 के माध्यम से उप निरीक्षक के 50 प्रतिशत पदों तथा निरीक्षक के शत-प्रतिशत पदों को ज्येष्ठता के आधार पर भरने का प्रावधान किया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले 26 दिसंबर, 2016 को अखिलेश सरकार ने उत्तर प्रदेश उप निरीक्षक और निरीक्षक (नागरिक पुलिस) सेवा (द्वितीय संशोधन) के जरिये उप निरीक्षकों के 50 प्रतिशत पदों में दो तिहाई को वरिष्ठता के आधार पर और एक तिहाई को आरक्षी व मुख्य आरक्षियों की विभागीय परीक्षा के आधार पर भरने का फैसला किया था। इसी प्रकार निरीक्षकों के शत-प्रतिशत पदों में से दो तिहाई वरिष्ठता के आधार पर और एक तिहाई पदों को विभागीय परीक्षा के माध्यम से भरने का प्रावधान किया गया था।

शादी अनुदान का लाभ लेने की अवधि 31 मई तक

अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को अपनी पुत्रियों की शादी में मिलने वाले 20 हजार रुपये अनुदान की समय सीमा बढ़ाई गई है। पहले मार्च माह तक ही यह अनुदान मिलता है। इससे वे लोग वंचित हो जाते थे जिनकी पुत्रियों की शादी मार्च-अप्रैल माह में होती थी। कैबिनेट ने यह अवधि 31 मई तक कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि अभ्यर्थियों को पुत्री की शादी से पहले ही अनुदान दिया जाए। इसमें भी व्यवस्था की जाएगी।

अब लिखित परीक्षा से भर्ती होंगे बंदीरक्षक

प्रदेश की जेलों में क्षमता से अधिक बंदी निरुद्ध हैं, जिनकी सुरक्षा व जेल की व्यवस्था बनाए रखने में जेल वार्डर का दायित्व बेहद महत्वपूर्ण होता है। जेल वार्डर के 7031 पद सृजित हैं, जिसके सापेक्ष 3658 पद भरे हैं। कैबिनेट ने इसके दृष्टिगत जेल वार्डर के 3373 रिक्त पद शीघ्र भरे जाने का निर्णय लिया गया। दरअसल, जेल वार्डर का सीधी भर्ती के जरिये चयन किया जाता है। इनकी सेवाएं कारागार प्रशासन व सुधार विभाग जेल वार्डर संवर्ग सेवा नियमावली 2016 से शासित होती हैं। नियमावली के प्रावधान के तहत जेल वार्डर के पद पर 10वीं व 12वीं की परीक्षा में प्राप्त अंक तथा शारीरिक दक्षता परीक्षा के आधार पर सीधी भर्ती के जरिये चयन किए जाने की व्यवस्था है। इस व्यवस्था में परिवर्तन करते हुए कैबिनेट में जेल वार्डर के पद पर चयन लिखित परीक्षा के जरिये किए जाने का निर्णय लिया गया है। पुलिस आरक्षी व जेल वार्डर की भर्ती प्रक्रिया की नियमावली समान है। उप्र पुलिस आरक्षी तथा मुख्य आरक्षी सेवा (प्रथम संशोधन) नियमावली 2017 का प्रख्यापन करते हुए गृह विभाग ने भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा को सम्मलित कर लिया है। पुलिस आरक्षियों के समान ही जेल वार्डरों की भर्ती प्रकिया में लिखित परीक्षा को शामिल किए जाने के लिए प्रश्नगत उप्र कारागार प्रशासन व सुधार विभाग जेल वार्डर संवर्ग सेवा (प्रथम संशोधन) नियमावली 2017 का प्रख्यापन प्रस्तावित किया गया है। नियमावली के प्रख्यापन के बाद उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड जेल वार्डरों की भर्ती की कार्रवाई कर सकेगा।

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