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बिहार में शराबबंदी के अाफ्टर इफेक्ट, कोबरा के विष से लेकर मादक द्रव्यों की बढ़ी तस्करी

06_12_2017-nasha5
शराबबंदी के बाद बिहार में नशे का कारोबार फल-फूल रहा है। चरस, अफीम, गांजे के साथ ही अब लोग नशे के लिए कोबरे का जहर भी इस्तेमाल कर रहे हैं। एेसे सामान को जब्त कर प्रशासन भी हैरान है।

पटना – बिहार में पूर्ण शराबबंदी है। इसके लिए कठोर कानून भी लागू है, जिसके तहत बिहार में शराब बेचना, पीना और रखना अब कठोर और दंडनीय अपराध है। लेकिन, शराबबंदी कानून के लागू होने के बाद बिहार के लोग, खासकर युवावर्ग नशे के लिए तरह-तरह के मादक पदार्थों का सेवन कर रहे हैं।

शराबबंदी के बाद बिहार अब ड्रग माफियाओं के लिए बड़े मार्केट में तब्दील होता जा रहा है और लोग नशे की तलाश में नए-नए विकल्प तलाश रहे हैं, जिसमें चरस, गांजे, अफीम, हेरोइन के बाद अब सांप के जहर का भी खूब इस्तेमाल हो रहा है। इस तरह के नशे के सामान को जब्त करने के बाद प्रशासन और नॉरकोटिक्स विभाग भी सकते में हैं।

किशनगंज में 14 करोड़ मूल्य के सांप का जहर बरामद

मंगलवार को किशनगंज जिले में बीएसएफ की टीम ने 1.87 किलोग्राम जहर से बना पाउडर बरामद किया और इसके साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। बीएसएफ के सहायक कमांडेंट नरेंद्र कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर सांप के जहर के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

बरामद जहर पाउडर की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 14 करोड रुपये बतायी गई है। उन्होंने बताया कि सांप के जहर के पाउडर की इस खेप को एक ग्लास जार में रखा गया था।

पटना में गांजे की बड़ी खेप बरामद

पटना में मंगलवार को जो गांजे की खेप पकड़ी गई, उसे सरकार के डाक विभाग के जरिए तस्करी की जा रही थी। जिस तरह के उपाय तस्करों ने अपनाए थे, उससे आशंका है कि इससे पहले भी कितनी मात्रा में गांजा की तस्करी पोस्टल विभाग के जरिए हुई है, कोई नहीं बता सकता।

मंगलवार को बिहार एसटीएफ एसओजी-एक की टीम ने पटना जंक्शन स्थित रेल मेल सर्विस ने रेलवे पोस्टल विभाग कार्यालय में रखी गई सात बोरियों को जब खोला तो उसमें 13 बंडल मिले। हर बंडल में करीब 10 किलो गांजा रखा था। गांजे के इन बंडलों की पैकिंग इस अंदाज में की गयी थी की किसी को भी भनक न लगे।

रक्सौल से  80.40 लाख रुपये की चरस बरामद

मंगलवार को ही बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल थाना अंतर्गत प्रेमनगर कॉलोनी से एसएसबी ने एक नेपाली नागरिक को गिरफ्तार किया जिसके पास से 80.40 लाख रुपये मूल्य की 4.2 किलोग्राम चरस बरामद की गयी।

एसएसबी की 47वीं बटालियन के कमांडेंट सोनम चेरिंग ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर चरस के साथ गिरफ्तार नेपाली नागरिक का नाम मोहम्मद सिराज अहमद है जो कि पडोसी देश के महकोट जिले का निवासी हैं।

जनवरी में हुई थी पूर्णिया में सबसे बड़ी कार्रवाई

खुफिया राजस्व निदेशालय (डीआरआइ) की टीम ने बिहार में तेजी से पांव पसार रहे नशे के कारोबार के खिलाफ 25 जनवरी को सबसे बड़ी कार्रवाई की थी। पूर्णिया के लाइन बाजार इलाके से नशे के सबसे महंगे ड्रग ‘कोबरा स्नेक वेनम’ (कोबरा के जहर का पाउडर) के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया था। बरामद ड्रग की मात्रा 950 ग्राम थी, जिसकी कीमत भारतीय बाजार में चार करोड़ तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में बीस करोड़ से भी अधिक थी।

नये तरीके से गांजे की तस्करी 

पिछले दिनों गांजा की तस्करी का बिल्कुल ही नया तरीका सामने आया है। 130 किलो गांजा की इस खेप को त्रिपुरा से हाजीपुर के लिए बुक किया गया था। यह खेप सीधे सड़क या ट्रेन से पटना नहीं आया था, बल्कि फ्लाइट के जरिये पटना लाया गया था। वहां से ट्रेन के जरिये हाजीपुर पहुंचना था कि पुलिस ने इसे जब्त कर लिया।

आंकड़ों में जानिए नशे का कारोबार

इसी वर्ष 13 जुलाई 2017 को जो आंकड़े सामने आये, वह काफी चौकाने वाले हैं-

शराबबंदी के बाद कुल दर्ज मामले: 25,528

कुल गिरफ्तारियां: 35,414 हजार

देशी शराब की जब्ती 3,85,719 लीटर

विदेशी शराब की जब्ती 5,96,172 लीटर

जून 2017 तक 97,714 लीटर देशी शराब

158829 लीटर विदेशी शराब नष्ट की गयी

शराबबंदी के बाद बिहार के विभिन्न हिस्सों से जब्त नशे की चीजें

2015-16 में 2492 किलो गांजा

17 किलो चरस

19 किलो अफीम

205 ग्राम हेरोइन

नशीली दवाइयों के 462 टैबलेट बरामद

2016-17 में 13884 किलो गांजा

63 किलो चरस

95 किलो अफीम

71 किलो हेरोइन

 नशीली दवाओं के 20308 टैबलेट जब्त

यह आंकड़ा सरकारी है, लेकिन विभागीय सूत्रों की मानें, तो बरामदगी इससे कहीं ज्यादा है। इंटर स्टेट सिंडिकेट ड्रग्स के कारोबार में सक्रिय है और बिहार में धड़ल्ले से ब्राउन सुगर, सांप का जहर और चरस आसाम, त्रिपुरा, ओड़िशा और अन्य राज्यों से लाया जा रहा है।

तस्करों को पकड़वाएं, ईनाम पाएं

यदि आप इनाम पाना चाहते हैं तो आपको गांजा, अफीम या हेरोइन की तस्करी या तस्करों की सूचना सरकार को देनी होगी। यह ऑफर सेंटर कस्टम आयुक्त कार्यालय (पटना) ने बिहार झारखंड के लोगों को आॅफर दिया है। इसके पीछे सरकार का उद्देशय मादक पदार्थों की तस्करी को रोकना है।

कस्टम आयुक्त (मुख्यालय) विनायक चंद्र गुप्ता के मुताबिक इसके तहत कोई भी व्यक्ति गांजा, अफीम, चरस या अन्य मादक पदार्थों के अलावा जंगली व पशु उत्पाद, सोना-चांदी की तस्करी करने वालों के बारे में कस्टम अफसरों को जानकारी दे सकता है।

इन नंबरों पर फोन करके पा सकते हैं ईनाम 

आयुक्त (मुख्यालय, पटना) : 7632989500

अधीक्षक (मुख्यालय) : 7632989503

सहायक आयुक्त (गया एयरपोर्ट) : 7632989505

उप सहायक आयुक्त (मुज.) : 7632989524

अधीक्षक निवारण (दरभंगा) : 7632989532

अधीक्षक (पूर्णिया सर्किल) : 7632989509

अधीक्षक निवारण (रक्सौल) : 7632989519

अधीक्षक निवारण (गोपालगंज) : 7632989521

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