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‘नीच’ वाले बयान पर हल्ला मचा तो राहुल के कहने पर मणिशंकर ने 6 बार माफी मांगी

manishankarANI

नीच आदमी’: ना-नुकुर के बाद अय्यर ने मांगी माफी, हिंदी पर फोड़ा ठीकरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नीच किस्म का आदमी कहने के बाद निशाने पर आए अब मणिशंकर अय्यर अब बैकफुट पर है. उन्होंने किंतु-परंतु करते हुए आखिर माफी मांग ही ली. खुद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अय्यर को माफी मांगने की सलाह दी थी. नीच आदमी पर मचे सियासी बवाल के बाद अय्यर ने सफाई देते हुए कहा कि मैंने नीच शब्द का दूसरा अर्थ समझा था. मेरा इरादा पीएम की जाति को लेकर टिप्पणी करना नहीं था.

मामले के तूल पकड़ने के बाद मणिशंकर ने इसका ठीकरा हिंदी पर फोड़ दिया. अय्यर ने कहा कि मुझे ठीक से हिंदी नहीं आती. मैंने अंग्रेजी के लो (Low) शब्द का अनुवाद नीच में कर लिया. अगर नीच शब्द का मतलब लो बोर्न (निम्न जाति में जन्म) है तो मैं इसके लिए माफी मांगता हूं.

अय्यर ने कहा कि मैं कांग्रेस का साधारण कार्यकर्ता हूं, किसी पद पर भी नहीं हूं. मुझे तो गुजरात में कैंपेन के लिए भी नहीं बुलाया गया. तो फिर मेरे बयान को इतना तूल क्यों दिया जा रहा है.

उधर, अय्यर के बयान पर सियासी संग्राम छिड़ा हुआ है. पीएम मोदी सहित बीजेपी ने अय्यर और कांग्रेस पर पुरजोर हमला बोल दिया है. चुनाव से ठीक दो दिन पहले अय्यर का ये बयान बीजेपी को हमले का नया हथियार थमा गया. ना सिर्फ मोदी ने बल्कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अय्यर के बयान को रिट्वीट किया. अरुण जेटली ने भी इसे कांग्रेस की कुलीन मानसिकता बताया और कहा कि कांग्रेस के लिए समाज के निचले तबके से आने वाले नीच हैं.

 

वहीं, मौके की नजाकत को समझते हुए राहुल गांधी ने भी तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए अय्यर को माफी मांगने की नसीहत दे डाली. हालांकि उन्होंने इसके साथ ही पीएम मोदी और बीजेपी को भी लपेटा. राहुल ने ट्वीट कर कहा कि बीजेपी और पीएम मोदी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं, लेकिन कांग्रेस की ऐसी संस्कृति नहीं है. उम्मीद है अय्यर ऐसी भाषा के लिए माफी मांगेंगे.

साल 2014 में भी आम चुनाव के प्रचार के दौरान मणिशंकर अय्यर ने तत्कालीन बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया था.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी को ‘नीच’ कहने पर बवाल बढ़ने के बाद कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने माफी मांग ली है. मणिशंकर अय्यर ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा, ”हां मैंने नीच शब्द का इस्तेमाल किया. मैं हिन्दी भाषी नहीं हूं, मैं अपने मन में पहले अंग्रेजी से हिंन्दी में ट्रांसलेट करता हूं. मैंने अपने मन में ‘THIS LOW PERSON’ का अनुवाद किया. अगर नीच का अर्थ कुछ और है तो मैं माफी मांगता हूं. मेरे साथ ये पहली बार नहीं हुआ, पहले भी ऐसे हो चुका है. लेकिन मैं फिर भी कहूंगा कि प्रधानमंत्री की भाषा कांग्रेस नेताओं के लिए अच्छी नहीं है.” आपको बता दें कि मणिशंकर अय्यर ने सफाई देते हुए 6 बार माफी का जिक्र किया.

पीएम ने किया था हमला- मैं नीच जाति का हूं लेकिन काम ऊंचे किए
मणिशंकर अय्यर के बयान पर आज गुजरात प्रचार के आखिरी दिन सूरत में प्रधानमंत्री ने जमकर हमला किया. उन्होंने मणिशंकर अय्यर के बयान को गुजरात का अपमान बताया. उन्होंने कहा, “ऊंच-नीच इस देश के संस्कार नहीं हैं, मुगल संस्कार वालों को मेरे जैसे का अच्छा कपड़ा पहनना सहन नहीं होता. मैं भले नीच जाति का हूं लेकिन काम ऊंचे किये हैं.”

प्रधानमंत्री ने कहा, ”चुनाव में हार सामने देखकर कांग्रेस दिग्गजों का मानसिक संतुलन खराब हो गया है. मुझे भले ही कोई नीच कहे लेकिन मेरी अपील है कोई उनके खिलाफ मर्यादा का उल्लंघन ना करें. पीएम मोदी ने कहा कि देश के पीएम के लिए ऐसे शब्द…हमारा कोई भी कार्यकर्ता किसी भी फोरम पर इसका जवाब ना दे. गुजराती और बीजेपी के ऐसे संस्कार नहीं हैं. मणिशंकर के शब्द उन्हें मुबारक. 9 और 14 दिसंबर को कमल को वोट देकर नीच का जवाब दीजिए.”

राहुल ने कहा- माफी मांगे मणिशंकर अय्यर
मणिशंकर अय्यर के बयान पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नाराजगी जताई है. राहुल गांधी ने कहा मैं उम्मीद करता हूं कि मणिशंकर अय्यर माफी मांगेंगे. राहुल ने ट्वीट किया, “बीजेपी और प्रधानमंत्री लगातार कांग्रेस के खिलाफ गंदी भाषा का इस्तेमाल करते हैं. कांग्रेस की संस्कृति और इतिहास अलग है. मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री के लिए जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, मैं इसकी सराहना नहीं करता. कांग्रेस पार्टी और मैं उम्मीद करते हैं कि मणिशंकर जी माफी मांगेंगे.”

क्या कहा था मणिशंकर अय्यर ने?
पीएम मोदी पर बाबा साहेब के अपमान का आरोप लगाते हुए मणिशंकर अय्यर ने कहा था, ”अंबेडकर जी की जो सबसे बड़ी ख्वाहिश थी उसे साकार करने में एक व्यक्ति का सबसे बड़ा योगदान था और उनका नाम था जवाहर लाल नेहरू. अब इस परिवार के बारे में गंदी बातें कहें और वो भी जबकि अंबेडकर जी याद एक बहुत बड़ी इमारतद का उद्घाटन हो रहा है. मुझे लगता है ये आदमी बहुत नीच किस्म का आदमी है. इसमें कोई सभ्यता नहीं है, ऐसे मौके पर इस प्रकार की राजनीति क्या आवश्यकता है.”

मणिशंकर का बयान दरबारी और सामंती सोच का उदाहरण- बीजेपी
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, ”हम सभी कार्यकर्ता बहुत दुखी हैं आज, मोदी जी सिर्फ हमारी पार्टी के नेता नहीं हैं, वो देश के प्रधानमंत्री और अंतरराष्ट्रीय नेता है. उनके नेतृत्व में दुनिया आज भारत की तारीफ कर रहा है. दुनिया में भारत की तारीफ हो रही है. मैं मणिशंकर अय्यर के बयान की भर्त्सना करता हूं, उनकी सोच दरबारी संस्कृति का उदाहरण है. जो दरबार चाहता है वहीं ऐसे दरबारी बोलते हैं.”

रविशंकर प्रसाद ने कहा, ”इन्हीं मणिशंकर अय्यर ने 2014 के चुनाव से पहले मोदी जी को चायवाला कहा था. ये सामंती सोच का उदाहरण है. बार बार कांग्रेस का अहंकार सामने आता है कि चायवाले का बेटा प्रधानमंत्री कैसे बन गया? ये देश के गरीबों का अपमान है. इसके पीछे एक सोच है जिसके मुताबिक सिर्फ गांधी परिवार ही देश को चला सकता है और कोई नहीं चला सकता है.”

रविशंकर प्रसाद ने कहा, ”आज मोदी जी ने आंबेडकर जी के नाम पर एक अंतरराष्ट्रीय संस्थान का उद्घाटन किया. बाबा साहब को लेकर प्रधानमंत्री ने यही तो सवाल पूछा था कि गांधी परिवार ने बाबा साहब का सम्मान क्यों नहीं किया. ऐसा सवाल पूछने पर हमारे प्रधानमंत्री को नीच कहा जाएगा.” रविशंकर प्रसाद ने कहा, ”प्रधानमंत्री पर इस प्रकार के हमले राहुल गांधी की सहमति के बिना नहीं होते. राहुल गांधी आजक बहुत सवाल पूछे रहे हैं, उन्हें इसका भी जवाब देना चाहिए.”

बीजेपी घड़ियाली आंसू बहा रही है, दलितों का सम्मान नहीं करती: कांग्रेस
मणिशंकर अय्यर के बयान पर पीएम मोदी के पलटवार के बाद कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ”बीजेपी घड़ियाली आंसू बहा रही है.” रणदीप सुरजेवाला ने आरएसएस प्रचारक मनमोहन वैद्य के बयान का हवाला देते हुए कहा कि बीजेपी और आरएसएस दलितों के आरक्षण की विरोधी है. हम गांधी की पार्टी है, गांधी का रास्ता मर्यादा का था. मणिशंकर अय्यर की भाषा मंज़ूर नहीं. हम फिर से एडवाइजरी जारी करेंगे कि ऐसे शब्दों का इस्तेमाल न करें.

पहली बार मणिशंकर  ने नहीं दिया है विवादित बयान- पीएम को कहा था चायवाला
आपको बता दें कि साल 2014 में भी आम चुनाव के प्रचार के दौरान मणिशंकर अय्यर ने तत्कालीन बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया था. तब मणिशंकर ने नरेंद्र मोदी का मज़ाक उड़ाते हुए कहा था कि चाय वाला इस देश का पीएम नहीं बन सकता. तब बीजेपी ने मणिशंकर अय्यर के उस बयान को राजनीतिक रंग दे दिया और मोदी की टीम ने ‘चाय पर चर्चा’ जैसी मुहिम का आगाज़ कर खूब सियासी फायदा लूटा.

राहुल गांधी के चुनाव को लेकर कर चुके हैं सेल्फ गोल
दो दिन पहले भी मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी के अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी और चुनाव पर कांग्रेस का बचाव करते हुए पार्टी को बैकफुट पर लाने वाला बयान दिया. कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव के लिए राहुल गांधी के नामांकन भरने के बाद एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत में मणिशंकर अय्यर ने कहा था, “जहांगीर की जगह जब शाहजहां आए थे तो क्या तब चुनाव हुआ था. जब शाहजहां की जगह पर औरंगजेब आए तो क्या जब चुनाव हुआ था?” उन्होंने आगे कहा था, “पहले से पता था कि जो भी बादशाह हैं उनकी औलाद ही बादशाह बनेगी.”

मणिशंकर अय्यर के इस बयान के बाद पीएम मोदी ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव पर हमला किया था और कहा कि कांग्रेस को औरंगजेब राज मुबारक हो

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