BREAKING NEWS
post viewed 55 times

देश में 1 करोड़ कमाने वाले 30,000, लेकिन 100 करोड़ कमाने वाले सिर्फ 5

21_12_2017-tax-payer
सीबीडीटी की ओर से जारी किए गए आंकड़े बताते हैं कि 2016-17 में प्रत्यक्ष कर संग्रह 8.5 लाख करोड़ रुपये था, जो कि बीते वर्ष की समान अवधि में 7.42 करोड़ रुपए का था

नई दिल्ली- आकलन वर्ष 2015-16 के लिए आयकर विभाग की ओर से जारी आयकर रिटर्न के आंकड़े बताते हैं कि 30,000 से ज्यादा करदाताओं की कमाई 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की है। इनमें से सिर्फ 5 लोग ही ऐसे हैं जिनकी कमाई का आंकड़ा 100 करोड़ रुपए से लेकर 500 करोड़ तक का है।

1 करोड़ से 5 करोड़ रुपये के बीच वेतन पाने वालों की संख्या 28,919 है, जबकि 1,228 करदाताओं ने 5 करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये के वेतन की घोषणा की है। करीब 346 लोग ऐसे हैं जिनका वेतन 10 करोड़ से अधिक लेकिन 25 करोड़ से कम है। वर्ष 2016-17 के दौरान कुल कर संग्रह में प्रत्यक्ष करों का योगदान 50 फीसद से घटकर 49.66 फीसद हो गया है। यह स्थिति वित्त वर्ष 2006-07 के बाद पहली बार देखने को मिली है। इसके बावजूद इस वर्ष प्रत्यक्ष कर संग्रह में 15 फीसद का इजाफा देखने को मिला है। बीते साल कुल कर संग्रह में प्रत्यक्ष कर का योगदान करीब 51 फीसद का रहा था।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) की ओर से जारी किए गए आंकड़े बताते हैं कि 2016-17 में प्रत्यक्ष कर संग्रह 8.5 लाख करोड़ रुपये था, जो कि बीते वर्ष की समान अवधि में 7.42 करोड़ रुपए का था। वहीं वित्त वर्ष 2016-17 में अप्रत्यक्ष कर संग्रह 8.6 लाख करोड़ रुपये का रहा था। कुल कर संग्रह में प्रत्यक्ष कर संग्रह की हिस्सेदारी में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। अगर डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन की टोटल टैक्स कलेक्शन में फीसद हिस्सेदारी की बात करें तो वित्त वर्ष 2013-14 में यह 56.32 फीसद रहा, वित्त वर्ष 2014-15 के लिए 56.16 फीसद और वित्त वर्ष 2015-16 के लिए 51.03 फीसद रहा है।

डायरेक्ट टैक्स कोड से हो सकता है करदाताओं को फायदा:

केंद्र सरकार की ओर से सात सदस्यीय समिति के गठन का फैसला लिया गया है। यह समिति डायरेक्ट टैक्स कोड (डीटीसी) की मरम्मत करने का काम करेगा ताकि टैक्स स्लैब को और सरल किया जाए एवं दरों को कम किया जाए। डीटीसी से कई मायनों में टैक्सपेयर्स को भी लाभ होगा क्योंकि इसमें छूट की सीमा को बढ़ाकर 5 लाख किया जा सकता है। हालांकि सभी या अधिकतर छूटों को हटाने के कारण कर योग्य राशि बढ़ सकती है ऐसे में कर की कम दरों से वास्तव में आयकर के रूप में भुगतान की गई कुल राशि को नीचे आने की उम्मीद है।

देश में कब से लागू है प्रत्यक्ष कर: देशभर के करदाताओं से साल 1961 से ही प्रत्यक्ष कर लिया जा रहा है। डायरेक्ट टैक्स में सुधार का फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब सितंबर महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर अधिकारियों की वार्षिक सम्मेलन में इस संबंध में एक टिप्पणी की थी। उन्होंने उस वक्त कहा था कि इनकम टैक्स एक्ट (आयकर अधिनियम) को साल 1961 में करीब 50 साल पहले ड्राफ्ट किया गया था लेकिन इसको अब फिर से ड्रॉफ्ट किए जाने की जरूरत है।

नए टास्क फोर्स के गठन पर वित्त मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया, “इस अधिनियम की समीक्षा के लिए और देश की आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप एक नया प्रत्यक्ष कर कानून का मसौदा तैयार करने के लिए, सरकार ने एक टास्क फोर्स का गठन किया है।” इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता अरबिंद मोदी (सीबीडीटी सदस्य) होंगे। अरविंद सुब्रमणियन (भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार) इस टास्क फोर्स के विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे।

Be the first to comment on "देश में 1 करोड़ कमाने वाले 30,000, लेकिन 100 करोड़ कमाने वाले सिर्फ 5"

Leave a comment

Your email address will not be published.


*