BREAKING NEWS
post viewed 16 times

यहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई साथ बैठ करते हैं पूजा, इबादत, प्रार्थना और अरदास

prayers-620x400

चंडीगढ़ के जीएमसीएच में मरीजों के साथ आने वाले लोगों के लिए विशेष व्‍यवस्‍था की गई है।

डीगढ़ में ‘सर्वधर्म समभाव’ का बेमिसाल उदाहरण सामने आया है। शहर के सेक्‍टर-32 में स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (जीएमसीएच) में एक ऐसे कमरे की विशेष तौर पर व्‍यवस्‍था की गई है जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और अन्‍य धर्मों के लोग एक साथ पूजा, इबादत, प्रार्थना और अरदास करते हैं। यहां मरीजों के परिजन अपने प्रियजनों के लिए सलामती की दुआ मांगते हैं। इस कमरे में किसी भी धर्म को मानने वालों के साथ भेदभाव नहीं किया जाता है। शहर के किसी अन्‍य सरकारी अस्‍पताल में अभी तक ऐसी व्‍यवस्‍था नहीं है।

जीएमसीएच में ऐसा कोई स्‍थान नहीं था जहां अपने प्रियजनों का इलाज करने के लिए आने वाले लोग ऊपर वाले से उनके जल्‍द स्‍वस्‍थ होने की दुआ मांग सकें। इसे देखते हुए अस्‍पताल प्रबंधन ने सी-ब्‍लॉक में एक विशेष कमरे की व्‍यवस्‍था करने का फैसला लिया। जीएमसीएच के इस ब्‍लॉक में 10 ऑपरेशन थियेटर हैं। यहां गंभीर रूप से बीमार या दुर्घटना में घायल लोगों की सर्जरी की जाती है। विशेष प्रार्थना स्‍थल तक पहुंचने के लिए अस्‍पताल में अनेक जगहों पर बोर्ड लगाए गए हैं, ताकि लोगों को इसे ढूंढ़ने में ज्‍यादा दिक्‍कत न हो। ऐसे ही एक व्‍यक्ति बलजिंदर सिंह ने बताया, ‘मैं जब यहां प्रार्थना कर रहा था तो उसी वक्‍त मेरे बगल में एक मुस्लिम व्‍यक्ति भी अपने प्रियजनों के लिए सलामती की दुआ मांग रहा था। यहां सभी धर्मों के लोग मिलते हैं, जिससे बहुत शांति मिलती है। प्रशासन (अस्‍पताल) ने इसकी व्‍यवस्‍था कर अद्भुत काम किया है।’ बलजिंदर का एक रिश्‍तेदार दुर्घटना में घायल हो गया था, जिनका जीएमसीएच में इलाज चल रहा है। उत्‍तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी मोहम्‍मद अफराजुल अपनी बेटी का इलाज कराने के लिए अस्‍पताल में आए हैं। उन्‍होंने कहा, ‘मुश्किल वक्‍त में हर कोई ऊपरवाले की प्रार्थना करना चाहता है। ऐसे समय में कोई भी व्‍यक्ति धार्मिक भेदभाव के बारे में नहीं सोचता है। ये ऐसे पल होते हैं जब हमलोगों को एक-दूसरे की जरूरत का अनुभव होता है।’

विशेष कमरे में एक टेबल है, जिसपर एक लैंप जलता रहता है। टेबल के ठीक ऊपर एक बोर्ड भी है। उस पर सभी धर्मों के प्रतीक चिह्नों को उकेरा गया है। आमतौर पर यह कमरा सुबह और शाम को भरा रहता है। इस पहल के पीछे जीएमसीएच के चिकित्‍सा अधीक्षक डॉक्‍टर रवि गुप्‍ता का उल्‍लेखनीय योगदान है। उन्‍होंने बताया कि विशेष कमरे के अभाव में मरीजों के परिजनों को अक्‍सर ऑपरेशन थियेटर के बाहर दुआ मांगते देखा जाता था। इसे देखते हुए विशेष कमरा खोलने का निर्णय लिया गया था। चंडीगढ़ के अन्‍य सरकारी अस्‍पतालों में ऐसी सुविधा उपलब्‍ध नहीं है।

Be the first to comment on "यहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई साथ बैठ करते हैं पूजा, इबादत, प्रार्थना और अरदास"

Leave a comment

Your email address will not be published.


*