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तिरुपति बालाजी के दर्शन नहीं है अब आसान! बदल गए हैं ये नियम

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बीते दिनों से तिरुपति बालाजी मंदिर सुर्खियों में है. यहां पर कई नियमों में बदलाव किए गए हैं.

आन्ध्र प्रदेश में स्थित तिरूपति बालाजी मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध और अति-समृद्ध तीर्थस्थलों में से एक है. तिरूपति बालाजी को तिरूमाला वेंकटेश्वर भी कहा जाता है. यह विश्व प्रसिद्ध मंदिर इस राज्य की तिरूमाला पहाड़ियों की सातवीं चोटी पर स्थापित है.

वर्तमान में तिरूपति बालाजी की जो विग्रह (मूर्ति) दिखाई देती है, उसकी आंखें कर्पूर (कपूर) के तिलक से ढंकी हुई हैं और यह जिस स्वर्ण-गुम्बद के नीचे स्थापित है, उसे ‘आनंद निलय दिव्य विमान’ कहा जाता है.तिरुपति बालाजी मंदिर को दुनिया के सबसे मंहगे और वीआईपी मंदिर के तौर पर भी जाना जाता है. यहां देश के कई बड़े सितारे दर्शन करने को आते हैं.

बीते दिनों से तिरुपति बालाजी मंदिर सुर्खियों में है. यहां पर कई नियमों में बदलाव किए गए हैं, जिससे बालाजी के दर्शन आम आदमी के लिए दुर्लभ हो गए हैं.

नए नियमों के अनुसार मंदिर परिसर में गैर हिंदू कर्मचारियों को नियुक्त नहीं किया जाएगा.

टीटीडी बोर्ड जो दुनिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर का प्रबंधन करता है, वह ‘थिरू-नामम’ को अनिवार्य करने का आदेश दिया है. ‘थिरू-नामम’ माथे के मध्य पर लगने या बनाए जाने वाला एक निशान है, जिसमें एक पतली ऊपर की ओर उठी लाइन होती है, इसका आकार अंग्रेजी के शब्द ‘यू’ के समान होता है. यह सफेद चंदन की मोटी रेखा से घिरा होता है.

टीटीडी ने 44 लोगों को दूसरे धर्म के लोगों के रूप में चिन्हित किया है, जिन्हें मंदिर छोड़ना पड़ेगा.

इसके अलावा मंदिर परिसर में दर्शन के लिए घंटे निर्धारित कर दिए हैं.

इसके अलावा वीआईपी भक्तों की सुरक्षा के लिए गार्ड नियुक्त किए गए हैं.

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