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राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन के पीछे ये है बीजेपी का सियासी गणित!

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 23 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए के लिए 27 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दी है. पहली सूची में नौ नामों की घोषणा हुई थी, जिसमें आठ केंद्रीय मंत्री और एक महासचिव का नाम शामिल था.

 नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 23 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए के लिए 27 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दी है. पहली सूची में नौ नामों की घोषणा हुई थी, जिसमें आठ केंद्रीय मंत्री और एक महासचिव का नाम शामिल था. इसमें वित्त मंत्री अरुण जेटली, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित पार्टी के महासचिव भूपेंद्र यादव प्रमुख हैं. वहीं बीजेपी ने दूसरी लिस्ट में विभिन्न राज्यों में होने वाली आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सियासी समीकरण बिठाने की कोशिश की है.बीजेपी की दूसरी सूची पर हर किसी की निगाहें टिकी हुई थी. यूपी विधानसभा चुनाव में मिली प्रचंड बहुमत के बाद बीजेपी के खाते में राज्यसभा में कुल आठ सीटें मिलने वाली है. अरुण जेटली को यूपी से ही राज्यसभा भेजा जा रहा है. उनके अलावा कांता कंर्दम, सकलदीप राजभर, हरनाथ सिंह यादव, अशोक वाजपेयी, अनिल जैन, विजयपाल सिंह तोमर और पार्टी के प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हाराव का नाम शामिल है.

  1. यूपी से बीजेपी के खाते में राज्यसभा में कुल आठ सीटें मिलने वाली है.
  2. बीजेपी ने हरनाथ सिंह के तौर पर अपने पुराने कार्यकर्ता का भी ख्याल रखा है.
  3. अमित शाह ने अपनी टीम का भी रखा ख्याल.

योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंप चुकी बीजेपी यूपी में राजपूत और ब्राह्मण को साथ लेकर चलने की कोशिश करते हुए दिख रही है. अशोक वाजपेयी का चयन इसी का हिस्सा माना जा रहा है. वहीं बीजेपी ने हरनाथ सिंह के तौर पर अपने पुराने कार्यकर्ता का भी ख्याल रखा है. साथ ही टीडीपी का सरकार से अलग होने के बाद आंध्र की राजनीति को देखते हुए जीवीएल के नाम के चयन से भी राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई है.

केरल में एनडीए के उपाध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर का कर्नाटक से बीजेपी की टिकट पर राज्यसभा जाना राज्य की आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए एक सियासी संदेश ही माना जा रहा है. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना अलग राह चलने की घोषणा कर चुकी है. ऐसे में मराठी नेता नारायण राणे को बीजेपी की टिकट पर राज्यसभा भेजकर बीजेपी माराठी मतदाताओं को साधते हुए दिख रही है.

झारखंड की राजनीति में जहां आदिवासियों का वर्चस्व माना जाता है, वहां एक गैरआदिवासी के तौर पर रघुवर दास को सीएम बनाने के बाद बीजेपी ने समीर उर्णव को राज्यसभा भेजकर आदिवासी वोट बैंक को साधने की कोशिश की है. झारखंड में इन दिनों आदिवासी बनाम गैरआदिवासी की राजनीति जोर पकड़ ली है.

अमित शाह ने अपनी टीम का भी रखा ख्याल

राज्यसभा उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी टीम के लोगों को भी तरजीह दी है. शाह की नीतियों में अहम भूमिका निभाने वाले भूपेंद्र यादव को राजस्थान से राज्यसभा भेजा जा रहा है. वहीं यूपी से अनिल जैन और छत्तीसगढ़ से सरोज पांडे को अमित शाह की कोर टीम का हिस्सा माना जाता है.

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