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अविश्वास प्रस्ताव पर मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट हुए विपक्षी दल, भरी हुंकार

Khadge_yechuri

कांग्रेस सहित कई पार्टियों ने इस प्रस्ताव पर समर्थन का ऐलान किया है.

 नई दिल्ली। केंद्र सरकार के खिलाफ टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव ने बीजेपी विरोधी दलों को एक बार फिर एकजुट होने का मौका दे दिया है. कांग्रेस सहित कई पार्टियों ने इस प्रस्ताव पर समर्थन का ऐलान किया है. वाईएसआर कांग्रेस ने जहां आज ही अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है, वहीं टीडीपी सोमवार को प्रस्ताव लाएगी. आज ही टीडीपी ने एनडीए से भी अलग होने का फैसला लिया है. इससे पहले टीडीपी सरकार से ही अलग हुई थी एनडीए से नहीं.

कांग्रेस ने किया ऐलान

कांग्रेस ने टीडीपी-वाईएसआर कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन का ऐलान किया है. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम शुरू से ही आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने की मांग का समर्थन करते आ रहे हैं. हम चाहते हैं कि आंध्र की जनता को न्याय मिले. जब अविश्वास प्रस्ताव आता है तो सरकार की नाकामी पर बात करने का मौका मिलता है. हम कई लोगों से संपर्क में हैं.

सीपीएम करेगी समर्थन

वहीं, सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने भी अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया है. उन्होंने कहा, सीपीएम बीजेपी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी. ये आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने के वादे के साथ दगाबाजी है. ये पूरी तरह से नाकामी है और संसदीय जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने की बात लोगों को बताना जरूरी है.

ओवैसी ने भी घेरा

असदुद्दीन ओवैसी ने भी अविश्वास प्रस्ताव को समर्थन देने का ऐलान किया है. ओवैसी ने कहा कि लोकसभा में पेश होने वाले अविश्वास प्रस्ताव का एमआईएम समर्थन करेगी. ना सिर्फ राज्य पुनर्गठन पर मोदी सरकार की नाकामी बल्कि युवाओं को नौकरी देने के मुद्दे और मुस्लिम महिलाओं और अल्पसंख्यकों के खिलाफ नाइंसाफी के मुद्दे पर भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया जाएगा.

बता दें कि टीडीपी के एनडीए से अलग होने के बाद एनडीए में 312 सांसद रह गए हैं. बीजेपी के पास 274 सांसद हैं. ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव आ भी जाता है तो सरकार को कोई खतरा नहीं है. लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में बीजेपी की अपनी साख जरूर प्रभावित होगी. वह एक के बाद एक साथियों को गंवाती जा रही है. इससे पहले शिवसेना बीजेपी से दोस्ती तोड़ चुकी है. शिवसेना के 18 सांसद हैं. आरएलएसपी जैसी कुछ और छोटी पार्टियां बीजेपी से नाराज बताई जाती हैं.

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