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आसनसोल हिंसा: बेटे को खोने वाले इमाम ने की शांति बहाल करने की अपील

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सुरेंद्र कुमार

आसनसोल
पश्चिम बंगाल के आसनसोल जिले में रामनवमी के बाद से ही तनाव का माहौल बरकरार है। एक ओर जहां शहर और आसपास के जिलों की कानून व्यवस्था पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है, वहीं शुक्रवार को आसनसोल के नूरानी मस्जिद के इमाम इमदात उल्लाह राशिद ने दंगो में अपने बेटे की मौत को सांप्रदायिक मुद्दा ना बनाने की अपील की है। अपने बेटे को सुपुर्द-ए-खाक करने से पूर्व इमाम ने मुस्लिम समाज के लोगों से अपील करते हुए शहर में अमन बहाल करने की मांग की है।

बता दें कि आसनसोल में सांप्रदायिक तनाव के बीच बुधवार को इमाम इमदात उल्लाह राशिद का सबसे छोटा बेटा हाफिज सबकत उल्लाह यहां के जिला अस्पताल में मृत अवस्था में पाया गया था। मृत हाफिज के गले और सिर पर चोट के गहरे निशान मिले थे, जिसके बाद कुछ लोगों द्वारा उसकी मौत को सांप्रदायिक मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही थी। इसी बीच शुक्रवार को बेटे के पार्थिव शरीर को सुपुर्द-ए-खाक करने से पहले इमाम ने आसनसोल की ईदगाह में मौजूद मुस्लिम समाज के लोगों से गुजारिश की कि वह हाफिज की मौत को सांप्रदायिक मुद्दा ना बनाएं और शहर में अमन बहाल करने में सहयोग करें।

 आसनसोल-रानीगंज में इंटरनेट सेवाएं सस्पेंड, धारा 144 लागू

‘अगर मुझसे प्यार करते हैं, तो अमन बहाल करें’
ईदगाह में सैकड़ों लोगों को संबोधित करते हुए इमाम इमदात उल्लाह राशिद ने कहा, ‘मैंने अपने बेटे को खोया है, इसे सांप्रदायिक मुद्दा न बनाएं। अगर आप मुझसे प्यार करते हैं तो अमन बहाल करें।’ इमाम की इस अपील के बाद उनके बेटे हाफिज के शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

रामनवमी जुलूस के दौरान हुई थी हिंसा
बता दें कि पश्चिम बंगाल के आसनसोल और पश्चिम वर्धमान जिले के रानीगंज इलाके में रविवार और सोमवार को राम नवमी जुलूस के दौरान दो समूहों में हिंसक संघर्ष हुए थे। हिंसक प्रदर्शनों के दौरान राज्य में 5 लोगों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद से ही पश्चिम बंगाल में तनाव का माहौल बना हुआ है, जिसको देखते हुए कई जिलों में धारा 144 लागू की गई है। इसके साथ ही आसनसोल और पश्चिम वर्धमान जिले में इंटरनेट सेवाओं पर भी रोक लगा दी गई है।

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