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हिमाचल प्रदेश में स्कूल के 3 स्टाफ गिरफ्तार, 12वीं अर्थशास्त्र पेपर का मामला

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दिल्ली पुलिस ने सीबीएसई प्रश्नपत्रों के लीक होने को लेकर दो मामले दर्ज किये है.

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने सीबीएसई की 12 वीं कक्षा के इकोनॉमिक्स का पेपर लीक होने के संबंध में हिमाचल प्रदेश के एक स्कूल के तीन स्टॉफ सदस्यों को शनिवार (7 अप्रैल) को गिरफ्तार किया. दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में डीएवी स्कूल के केंद्र अधीक्षक राकेश, क्लर्क अमित और चपरासी अशोक को अपराध शाखा ने गिरफ्तार कर लिया. अधिकारी ने बताया कि तीनों आरोपियों को ऊना से राष्ट्रीय राजधानी लाया गया और पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. 12 वीं कक्षा के 26 मार्च को इकोनॉमिक्स के पेपर के एक दिन पहले पेपर की हस्त लिखित प्रति व्हाट्सएप पर लीक हो गई थी.

10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा का पेपर हुआ था लीक
पेपर लीक मामले में दिल्ली पुलिस ने दो मामले दर्ज किए हैं. 12वीं अर्थशास्त्र का पेपर लीक होने के संबंध में पहला मामला 27 मार्च को और 10वीं गणित का पेपर लीक होने का मामला 28 मार्च को दर्ज किया गया. सीबीएसई के 12वीं बोर्ड की अर्थशास्त्र और 10वीं बोर्ड की गणित की परीक्षा क्रमश: 26 मार्च और 28 मार्च को हुई थी. मामले की जांच के लिए पुलिस के दो उपायुक्तों, चार सहायक पुलिस आयुक्तों और पांच निरीक्षकों का एक विशेष जांच दल गठित किया गया है. यह दल संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) की निगरानी में काम कर रहा है.

सीबीएसई की पुनर्परीक्षा के खिलाफ याचिका खारिज
सर्वोच्च न्यायालय ने कक्षा 10वीं और 12वीं के लीक हुए क्रमश: गणित व अर्थशास्त्र के प्रश्न-पत्रों की दोबारा परीक्षा कराने के सीबीएसई के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को बुधवार (4 अप्रैल) को खारिज कर दिया था. न्यायमूर्ति एस.ए.बोबडे व न्यायमूर्ति एल.नागेश्वर राव की खंडपीठ ने कहा था कि “सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) फिर से परीक्षा कराने के लिए स्वतंत्र है और अदालत इसमें दखल नहीं देगी.” खंडपीठ ने सीबीएसई के फैसले को चुनौती देने वाले विद्यार्थियों से कहा था कि यदि परीक्षा कराई जाती है तो उन्हें उसमें शामिल होना चाहिए. याचिका में सीबीएसई के फैसले को चुनौती दिए जाने के अलावा इसमें कथित तौर पर प्रश्न-पत्र लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई थी. याचिका में कहा गया था कि प्रश्न-पत्र लीक की कई घटनाएं विभिन्न राज्यों से मिली हैं और दिल्ली पुलिस पूरे देश में इसकी जांच में सक्षम नहीं है.

केरल के विद्यार्थी रोहन मैथ्यू व दो अन्य ने सीबीएसई की कक्षा 10वीं के गणित की परीक्षा के दोबारा कराने के फैसले को रद्द करने की मांग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि यह मनमाना, अवैध व संविधान की धारा 14 (कानूनी समानता), धारा 21 (जीवन का अधिकार व स्वतंत्रता) व 21ए (शिक्षा का अधिकार) का उल्लंघन है. दूसरी याचिका शीर्ष अदालत में रीपक कंसल द्वारा दाखिल की गई थी, जिसमें सीबीएसई के फैसले को चुनौती देते हुए उसे रद्द करने व दोनों प्रश्न-पत्रों की फिर से परीक्षा कराए जाने की मांग की गई थी.

सीबीएसई परीक्षा प्रक्रिया जांच के लिए समिति गठित
इससे पहले मानव संसधान विकास (एचआरडी) मंत्रालय ने 12वीं कक्षा के अर्थशास्त्र विषय के प्रश्न-पत्र लीक मामले में एक सात सदस्य समिति गठित की, जो बोर्ड की परीक्षा प्रक्रिया की जांच करेगी. मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि समिति का गठन बीते 3 अप्रैल को किया गया, जिसकी अध्यक्षता पूर्व एचआरडी सचिव विनय शील ओबरॉय करेंगे. ओबरॉय प्रश्न-पत्रों के लीक को रोकने के मकसद से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं की जांच करेंगे. साथ ही वह परीक्षार्थियों तक बिना छेड़छाड़ के प्रश्न-पत्रों की पहुंच को सुनिश्चित करने की प्रणाली में सुरक्षा जांच से संबंधित सभी पहलुओं का परीक्षण करेंगे.

इसके साथ ही समिति प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए उपाय भी सुझाएगी. समिति 31 मई तक मंत्रालय को अपनी रपट सौंपेगी. समिति प्रश्न-पत्रों के प्रिंटिग प्रेस से परीक्षों केंद्रों तक पहुंचने की वर्तमान प्रणाली में संभावित खामियों की जांच करेगी. अर्थशास्त्र के प्रश्न-पत्र लीक होने के बाद से सीबीएसई की प्रणाली पर व्यापक हमले हुए हैं. प्रश्न-पत्र लीक होने के कारण लाखों विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं.

सीबीएसई 12वीं अर्थशास्त्र की पुनर्परीक्षा 25 अप्रैल को
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के प्रश्न-पत्रों के लीक होने तथा दोबारा परीक्षा कराने के विरोध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के बीच सरकार ने शुक्रवार (30 मार्च) को कहा था कि 12वीं के अर्थशास्त्र की पुनर्परीक्षा देशभर में 25 अप्रैल को आयोजित की जाएगी, जबकि 10वीं की परीक्षा जुलाई में सिर्फ दिल्ली, हरियाणा और एनसीआर में कराई जा सकती है. उन्होंने कहा था, ‘गणित का प्रश्न-पत्र मात्र दिल्ली और हरियाणा में ही लीक हुआ, इसके राष्ट्रीय स्तर पर लीक होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं.’ हालांकि सरकार ने बाद में 3 अप्रैल को कहा कि सीबीएसई 10वीं की परीक्षा फिर से नहीं ली जाएगी.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव अनिल स्वरूप ने ट्वीट कर बताया था, “सीबीएसई के कक्षा 10 के गणित के पेपर के कथित तौर पर लीक होने के प्रभाव के प्रारंभिक मूल्यांकन के बाद और छात्रों के सर्वोपरि हित को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई ने दिल्ली, एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) और हरियाणा में भी फिर से परीक्षा आयोजित न करने का फैसला किया है. इसलिए कक्षा 10 की परीक्षा दोबारा नहीं होगी.”

 

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