जानकारी के अनुसार सेना की राष्ट्रीय राइफल्स को मंगलवार देर रात कुलगाम के वनपोह इलाकेमें आंतकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। जिसके बाद सेना ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों के साथ खुदवानी इलाके की सख्त घेराबंदी करते हुए सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

इस सर्च ऑपरेशन के दौरान ही आतंकियों ने जवानों पर गोलीबारी की, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू की। सेना ने दो आतंकियों को मार गिराया है। हालांकि, इस एनकाउंटर में हमारा एक जवान भी शहीद हो गया था।

वहीं दून निवासी दीपक कुमार नैनवाल घायल हो गए। शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दीपक के पिता चक्रधर प्रसाद नैनवाल से फोन पर बात की। उनसे दीपक के स्वास्थ्य की जानकारी ली।

नाजुक है स्थिति

दीपक के परिजनों के अनुसार दो गोली लगने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। फिलहाल वह आइसीयू में भर्ती हैं। दीपक के पिता चक्रधर प्रसाद, माता पार्वती, पत्नी च्योति और बच्चे रेयांश व लावण्या दिल्ली में हैं।

पिता भी फौज से रिटायर 

नायक दीपक नैनवाल के पिता चक्रधर प्रसाद ऑनरेरी कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने बताया कि दीपक वर्ष 2001 में फस्र्ट महार रेजीमेंट के जरिये सेना में भर्ती हुआ। ढाई साल से कश्मीर के कुलगाम में तैनात है।

12 को आना था छुट्टी 

दीपक नैनवाल ने घटना की रात अपने भाई प्रदीप को फोन किया था। प्रदीप ने बताया कि उस वक्त तक सब सामान्य था। दीपक घर दीवाली पर आया था। अब उन्हें छुट्टी पर 12 अप्रैल को घर आना था। फिलहाल हर्रावाला के ग्रामीण दीपक की सलामती की दुआएं कर रहे हैं।