सिल्ली उपचुनाव को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने तैयारी शुरू कर दी है। संभावना है कि वहां से विधायक रहे अमित महतो की पत्नी सीमा कुमारी को चुनाव मैदान में उतारा जाए।

गौरतलब है कि अंचलाधिकारी के साथ मारपीट के एक पुराने मामले में 23 मार्च को अदालत ने अमित महतो को दो वर्ष की सजा सुनाई थी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने उनकी सदस्यता समाप्त करने संबंधी अधिसूचना जारी की थी।

झामुमो नेतृत्व ने सिल्ली और गोमिया उपचुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। गोमिया के विधायक रहे योगेंद्र महतो की सदस्यता भी समाप्त हो चुकी है। दोनों सीटें अपने कब्जे में रखने की रणनीति पार्टी का शीर्ष नेतृत्व तैयार कर रहा है। मतदाताओं को यह मैसेज दिया जाएगा कि सरकार के दबाव में मनमाने काम हो रहे हैं। सिल्ली आजसू पार्टी प्रमुख सुदेश कुमार महतो की सीट रही है।

पिछले विधानसभा उपचुनाव में झामुमो के अमित महतो ने लगभग 30 हजार के भारी मतों के अंतर से उन्हें हराया था। आजसू पार्टी का भाजपा संग तालमेल है, लेकिन दोनों उपचुनाव में इनकी राजनीतिक दोस्ती दांव पर है।

भाजपा ने भी ठोका है दावा

सिल्ली और गोमिया उपचुनाव में भाजपा और आजसू पार्टी के तालमेल की भी परीक्षा होगी। भाजपा ने भी दोनों सीटों पर दावा ठोका है। रांची के सांसद रामटहल चौधरी भी सिल्ली से अपने पुत्र को उतारना चाहते हैं।