BREAKING NEWS
post viewed 116 times

8000 गुमशुदा लड़कियों का डेटा खंगाने के बाद भी सूरत में रेप की शिकार बच्‍ची की नहीं हो पाई शिनाख्‍त

surat-girl-rape-case

रेप और मर्डर के बाद लड़की की डेडबॉडी 6 अप्रैल को सूरत के भेसतन इलाके के क्रिकेट मैदान के पास मिली थी.

 गुजरात पुलिस ने सूरत में मृत पाई गई नौ साल की बच्ची की पहचान करने के लिए अभी तक 8000 से ज्यादा लापता बच्चियों के डेटा को बारीकी से जांचा है. लेकिन अभी तक रेप और मर्डर की विक्‍टिम की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है. मंत्री प्रदीपसिंह जडेजा ने ये जानकारी दी है. बीते 6 अप्रैल को सूरत के भेसतन इलाके के एक क्रिकेट मैदान के समीप उसे फेंकने से पहले उसका अपहरण कर प्रताड़ित और उसके साथ दुष्कर्म किया गया. कई घंटे तक चले परीक्षण के बाद आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि बच्ची के साथ कम से कम आठ दिनों तक दुष्कर्म किया गया  गया था और उस पर जुल्म ढाए गए थे. बच्ची के निजी अंगों समेत उसके शरीर पर 86 चोट के निशान पाए गए थे.

राज्य के गृह मंत्री जडेजा ने गांधीनगर में सोमवार को बताया, “उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह पता चला है कि बच्ची के साथ कम से कम आठ दिनों तक दुष्कर्म किया गया और उसे प्रताड़ित किया गया.” बच्ची की पहचान नहीं हो पाई है और कोई भी अभी तक शव पर दावा करने के लिए आगे नहीं आया है.

गृह मंत्री जडेजा ने कहा कि सूरत अपराध शाखा उसकी पहचान में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने 8000 लापता बच्चियों के विवरण की बारीकी से जांच की है. ऐसा लग रहा है कि वह राज्य से बाहर की है और अपराध को अंजाम देने के बाद उसे यहां फेंका गया है. बच्ची या उसके परिवार के बारे में जानकारी देने वाले के लिए 20 हजार रुपए के इनाम का भी ऐलान किया गया है.
पांडेसरा थाने के इंस्‍पेक्‍ट केबी झाला के मुताबिक, ऑटोप्सी रिपोर्ट के अनुसार लड़की के शव पर चोट के 86 निशान मिले. निजी अंगों पर भी निशान मिलने से लगता है कि उसे प्रताड़ित किया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया. उसका गला घोंट दिया गया था.

सूरत सिविल अस्पताल के डॉक्टर गणेश गोवेकर ने कहा था कि लड़की के शरीर पर चोट के कम से कम 86 निशान मिले. इसी अस्पताल में लड़की का पोस्टमॉर्टम किया गया था. गोवेकर ने कहा, ”चोट के निशानों को देखते हुए, ऐसा प्रतीत होता है कि उसे ये चोटें एक सप्ताह पूर्व से लेकर शव बरामद होने से एक दिन पहले तक दी गई होंगी. इससे प्रतीत होता है कि शायद लड़की का अपहरण कर उसे प्रताड़ित किया गया और शायद उसके साथ बलात्कार भी किया गया है.”

Be the first to comment on "8000 गुमशुदा लड़कियों का डेटा खंगाने के बाद भी सूरत में रेप की शिकार बच्‍ची की नहीं हो पाई शिनाख्‍त"

Leave a comment

Your email address will not be published.


*