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पीड़िता के अंतिम 7 दिन की दास्तां, मास्टरमाइंड ने पहले की पूजा फिर बेटे-भतीजे से कराया रेप

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पीड़िता के साथ 7 दिन तक रेप होता है. मास्टरमाइंड पहले पूजा करता है फिर रेप के लिए कहता है. दर्दनाक है ये दास्तां.

 8 साल की मासूम. 7 दिन तक भूख से तड़पती. नशीली दवाओं से सुन्न पड़ी. कई दिनों तक कई बार गैंगरेप. पहले दुपट्टे से गला घोंटा गया और अंत में सिर पर पत्थर मारकर हत्या. यह दिल दहला देने वाली घटना एक धार्मिक स्थल (देवस्थान) पर हुई. बात यही नहीं खत्म होती. गैंगरेप का मास्टरमाइंड उसी धार्मिक स्थल का केयरटेकर है जो की राजस्व अधिकारी रह चुका है. उसने अपने बेटे और भतीजे को इस जघन्य घटना में शामिल किया और धीरे-धीरे पुलिस भी इसमें शामिल हो गई. बात अब भी खत्म नहीं होती. इस पूरे मामले में आरोपियों को बचाने के लिए लोग सामने आ गए हैं और बकायदा एक मोर्चा बन गया है, जो आरोपियों को बचाने के लिए लड़ाई लड़ रहा है… पढ़ें चार्जशीट के मुताबिक पीड़िता से कैसे की गई दरिंदगी

मामला जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले के रसाना गांव का है. क्राइम ब्रांच के मुताबिक, रेप का मुख्य आरोपी मंदिर का केयर टेकर सांजी राम है. उसके साथ उसका बेटा विशाल और नाबालिग भतीजा भी है. अन्य आरोपियों में विशेष पुलिस अफसर (SPOs) दीपक खजुरिया और सुरिंदर कुमार, रसाना का ही प्रवेश कुमार (मन्नू), असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता और हेड कांस्टेबल तिलक राज हैं. दत्ता और राज को सबूतों को नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

10 जनवरी को लापता हुई थी पीड़िता
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक, पीड़िता के पिता ने 12 जनवरी को हीरानगर पुलिस स्टेशन में बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी. उनके मुताबिक, लड़की जानवरों को चराने के लिए 10 जनवरी को दोपहर 12.30 बजे नजदीक के जंगल में गई थी. तब से लापता है. पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया और शुरुआती जांच के बाद सांजी राम के भतीजे को गिरफ्तार कर लिया. मामला यहीं नहीं रुका. पूरे क्षेत्र में इस मामले में पुलिस पर लीपापोती का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया. विपक्ष ने सरकार को घेरा. और अंत में मामले को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया.

मास्टरमाइंड है सांजी राम
क्राइम ब्रांच की चार्जशीट के मुताबिक, इस पूरे षडयंत्र का मास्टरमाइंड सांजी राम है. उसने ही पीड़िता के अपहरण और हत्या की साजिश रची. प्लान के मुताबिक, दीपक अपने एक दोस्त विक्रम के साथ 7 जनवरी की शाम को मेडिकल शॉप गया और बेहोश करने वाली दवा एपिट्रिल लेकर आया. उसी दिन सांजी राम ने अपने भतीजे से पीड़िता का अपहरण करने को कहा. पूरी योजना के बनने के दौरान सांजी राम ने पुलिस अफसर खजुरिया और उसके दोस्त प्रवेश कुमार से भी मदद मांगी.

पहले जंगल में बारी-बारी से रेप
10 जनवरी को पीड़िता घोड़ों को चराने जंगल गई. इस दौरान घोड़े इधर-उधर कहीं चले गए. मौका देखते ही नाबालिग पाड़िता के पास पहुंचा और घोड़ों के जंगल के अंदर होने की बात कही. मन्नू को साथ ले वह पीड़िता के साथ जंगल के अंदर चल दिया. इस दौरान गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए पीड़िता वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन नाबालिग ने उसके गर्दन को पकड़ कर मुंह दबा दिया. चार्जशीट के मुताबिक, इस दौरान पीड़िता जमीन पर गिर गई, जिसका फायदा उठा नाबालिग और मन्नू ने बारी-बारी से रेप किया. रेप के बाद दोनों पीड़िता को लेकर देवस्थान के अंदर पहुंचे और टेबल के नीचे दो प्लास्टिक कवर से ढक कर छुपा दिया.

मेरठ से रेप के लिए बुलाया
चार्जशीट के मुताबिक, 11 जनवरी को पीड़िता के परिवार वाले देवस्थान पहुंचे और खोजबीन शुरू की. इस दौरान सांजी राम ने कहा कि हो सकता है कि वह किसी रिश्तेदार के घर चली गई होगी. देवस्थान का प्रार्थना कक्ष जहां लड़की रखी गई थी वह बंद था. इसी दिन खजुरिया और नाबालिग ने देवस्थान को खोला और उसे नशीली दवा दी. इसके बाद नाबालिग ने विशाल को लड़की के अपहरण की बात बताते हुए फोन किया. उसने उससे कहा कि वह भी रेप करना चाहता है तो मेरठ से लौट आए.

1.5 लाख रुपये का घूस
12 जनवरी को विशाल सुबह छह बजे रसाना पहुंचता है. चार्जशीट के मुताबिक, 8.30 बजे नाबालिग एक बार फिर देवस्थान पर पहुंचता है. भूख से तड़पती पीड़िता को वे नशे की तीन गोलियां देते हैं. हीरानगर पुलिस स्टेशन की एक पुलिस पार्टी पीड़िता की खोज में लग जाती है. इस टीम में खजुरिया भी शामिल रहता है. इस बीच खजुरिया एक अन्य पुलिस अफसर इफ्तिखार वानी के साथ के साथ सांजी राम के घर पहुंचता है. वह नाबालिग से पीड़िता को समय पर नशीली दवा देने के लिए कहता है. चार्जशीट के मुताबिक, सर्च पार्टी में शामिल हेड कांस्टेबल राज सांजी राम से घूस की बात करता है. 12 जनवरी को ही सांजी राम उसे 1.5 लाख रुपये नाबालिग की मां के हाथों दिला देता है.

पूजा के बाद रेप
13 जनवरी. जार्जशीट के मुताबिक, आरोपी विशाल, नाबालिग और सांजी राम देवस्थान पहुंचते हैं. इसके बाद सांजी राम पूजा करता है. सांजी राम के कहने पर विशाल पीड़िता से रेप करता है. फिर नाबालिग एक बार फिर पीड़िता के साथ रेप करता है.

हत्या से पहले भी रेप
प्रार्थना कक्ष में नाबालिग को कुछ दिन रखने के बाद सांजी राम दूसरे आरोपियों से कहता है कि अब पीड़िता की हत्या करने और लाश को जंगल में ठिकाने लगाने का समय आ गया है. मन्नू, विशाल और नाबालिग पीड़िता को देवस्थान से लेकर एक पुलिया के पास पहुंचते हैं. चार्जशीट के मुताबिक, इस दौरान खजुरिया नाबालिग से कहता है कि वह इसकी हत्या से पहले एक बार रेप करना चाहता है.

इस तरह किया मर्डर
चार्जशीट में मर्डर को डेस्क्राइब करते हुए लिखा गया है, पीड़िता का रेप करने के बाद खजुरिया गला दबाकर उसकी हत्या का प्रयास करता है. इस दौरान वह पीड़िता को मार नहीं पाता है. फिर नाबालिग चुन्नी से उसके गला को दबाता है. आरोपी यहीं नहीं रुकते. पीड़िता की मौत की पुष्टि के लिए वे उसके सिर पर एक पत्थर से दो बार मारते भी हैं, ताकि उसके बचने की कोई गुंजाइश न रह जाए. लाश को ठिकाने लगाने के लिए गाड़ी नहीं मिल पाने के कारण आरोपी लाश को प्रार्थना कक्ष में ही रख देते हैं .

जंगल में फेंक दी लाश
15 जनवरी को सांजी राम आरोपियों से कहता है कि पीड़िता की लाश को जंगल में फेंक दो. इसके बाद पीड़िता की लाश क्षत-विक्षत हालत में उसके घर वालों को मिलती है. इस हालत में लाश मिलने के बाद आस-पास के लोग आक्रोशित हो जाते हैं और प्रदर्शन शुरू कर देते हैं. विपक्ष भी मामले को उठाता है. मामला शांत न होता देख मामले को क्राइम ब्रांच को दिया जाता है और फिर परत-दर-परत पूरा मामला खुलता है.

मामला यहीं नहीं रुकता
इस पूरे मामले के आरोपियों को बचाने के लिए राजनीति से लेकर वकील तक सामने आ जाते हैं. खबरों के मुताबिक, इस पूरे मामले में बीजेपी के दो मंत्रियों का वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें वे कहते नजर आ रहे हैं कि आरोपियों के साथ कुछ भी नहीं होना चाहिए. उन्होंने इसके लिए एसएसपी को धमकी भी दी. हालांकि, सीएम महबूबा मुफ्ती ने सख्ती दिखाई और इसके बाद आठों आरोपियों की गिरफ्तारी हुई.

…मामला 2 महीने बाद भी नहीं रुकता
9 अप्रैल को क्राइम ब्रांच की टीम चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही थी. इस दौरान वकीलों के समूह ने क्राइम ब्रांच का विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद चार्जशीट दाखिल नहीं हो पाई. 10 अप्रैल को राज्य के कानून मंत्री के दखल के बाद चार्जशीट दाखिल हुई.

…फिर भी नहीं मानते लोग
वकीलों के विरोध के मामले में पुलिस ने वकीलों के खिलाफ केस दर्ज किया. वकीलों ने इसका विरोध शुरू कर दिया. 11-12 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर बंद बुलाया गया और कठुआ जिला जेल के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं.

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