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दूसरे दिन भी किसानों का आंदोलन, शहरों में दूध-सब्जी की सप्लाई ठप

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किसानों के आंदोलन की वजह से दिल्ली, मुंबई समेत देश के दूसरे शहरों में फलों-सब्जियों और दूध की कमी की समस्या पैदा हो गई है

केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ किसानों का राष्ट्रव्यापी आंदोलन आज यानी शनिवार को भी जारी है. देश के 7 राज्यों में किसान ‘गांव बंद’ कर लगातार दूसरे दिन विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं और धरने पर बैठ गए हैं. किसानों के इस आंदोलन में 130 संगठन शामिल हैं.

किसानों ने अपनी उपजाई सब्जियों, फलों और हजारों लीटर दूध को सड़कों पर फेंक दिया और शहरों में जरूरी चीजों की सप्लाई ठप कर दी. दिल्ली, मुंबई समेत देश के कई शहरों में इस आंदोलन की वजह से फलों-सब्जियों और दूध की कमी की समस्या पैदा हो गई है.

दिल्ली के ओखला सब्जी मंडी में आढ़तियों का कहना है कि बीते 2 दिन से माल कम आ रहा है जिससे कीमतें बढ़ती जा रही हैं

इस बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किसानों के आंदोलन पर कहा कि उनके पास कोई मुद्दे नहीं हैं इसीलिए प्रदर्शन कर रहे हैं. वो बेकार के मुद्दों पर अपना ध्यान लगा रहे हैं. अगर वो कृषि उत्पाद नहीं बेचेंगे, तो इससे उन्हीं को नुकसान होगा.

सरकार की नीतियों से नाराज किसानों का 10 दिन का ‘गांव बंद’

बता दें कि देश भर के किसान कर्ज माफी और फसलों के सही दाम की मांग को लेकर शुक्रवार से 10 दिन के ‘गांव बंद’ आंदोलन पर हैं. किसान संगठनों ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में मंडियों और थोक बाजारों में हड़ताल करने का आह्वान किया है. इससे सब्जियों, फलों की किल्लत और दाम बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है.

हालांकि मध्य प्रदेश और पंजाब के अलावा बाकी राज्यों में किसानों के आंदोलन का खासा प्रभाव देखने को नहीं मिला है. लेकिन राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ (आरकेएमएम) के संयोजक शिवकुमार शर्मा ने दावा किया कि 22 राज्यों में ‘गांव बंद’ आंदोलन का आयोजन किया जा रहा है. मध्य प्रदेश के मंदसौर में इस दौरान पुलिस कड़ी सतर्कता बरत रही है. पिछले साल 6 जून को यहां किसानों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस गोलीबारी में 6 किसानों की मौत हो गई थी.

पंजाब के किसानों ने 10 दिन के अपने प्रदर्शन को ‘किसान अवकाश’ का नाम दिया है. लुधियाना में दूसरे दिन प्रदर्शन करते हुए किसानों ने सब्जियों और फलों की सप्लाई रोक दी.

गांव बंद’ आंदोलन के आखिरी दिन यानी 10 जून को भारत बंद की तैयारी है. मंदसौर के एसपी ने कहा कि जिले में अब तक किसी भी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं है. उन्होंने कहा, ‘मध्य प्रदेश पुलिस के एसएएफ की पांच कंपनियां जिले में नजर रख रही हैं.’ किसान एकता मंच और राष्ट्रीय किसान महासंघ के बैनर तले एक से दस जून तक सप्लाई रोकने का फैसला किया गया है.

अपने अलग अंदाज के लिए मशहूर पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने फतेहगढ़ साहिब जिले के पट्टो गांव जाकर किसानों से दूध और सब्जी खरीदे. सिद्धू ने कहा, ‘अगर देश को बचाना है तो खेती को बचाना होगा.’ उन्होंने कहा कि केंद्र की एनडीए सरकार अगर अपने चुनावी वादे पूरा करती तो किसानों की हालत इतनी खराब नहीं होती. सिद्धू ने प्रदर्शन कर रहे किसानों को भरोसा दिया कि पंजाब सरकार उनके प्रति सहानुभूति का भाव रखती है और उनके साथ खड़ी है.

पंजाब में कुछ स्थानों पर किसानों ने विरोध करते हुए सब्जियों और दूध को सड़कों पर फेंक दिया. उधर, महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के अकोले तहसील में किसानों ने जुलूस निकाला.

किसानों की मांग है कि सरकार न्यूनतम आय गारंटी योजना, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करे और उनके कर्ज पूरी तरह माफ कर दिए जाएं.

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