अगर आप ऑफ बीट हिल स्टेशन पर जाने जाना चाहते हैं, तो भारत का खूबसूरत हिल स्टेशन पंचमढ़ी आपको किसी जन्नत से कम नहीं लगेगा. यहां के खूबसूरत नजारे देखकर आप रोजाना की भागदौड़ भूलकर तनावमुक्त हो जाएंगे. आइए, आपको सैर कराते हैं पंचमढ़ी की खूबसूरत वादियों की. पहले पंचमढ़ी पर गोंड जनजाति का राज था. ब्रिटिश राज से पहले यह इसी जनजाति की राजधानी थी. 1887 में ब्रिटिश सैनिक कैप्टन जेम्स फोर्स्थ ने इस शहर को केंद्र में रखा था और इसके बाद अंग्रेजों ने भी पंचमढ़ी को मध्यप्रदेश की राजधानी बनाया.

धूपगढ़

यह सतपुड़ा रेंज का सबसे ऊंचा प्वाइंट है. इसे सनराइज और सनसेट प्वाइंट के नाम से भी जाना जाता है.

चारुगढ़

यह दूसरा सबसे ऊंचा प्वाइंट है. इसका धार्मिक महत्व भी है क्योंकि इसके शिखर पर एक शिव मंदिर स्थित है.

पांडव गुफाएं

यहां प्राचीन कालीन पांच गुफाएं हैं. हिंदू कथाओं के अनुसार, महाभारत काल के दौरान यहां पांडवों ने आश्रय लिया था. गुफा के पास ही एक बेहद खूबसूरत गार्डन भी है. अब इन गुफाओं को राष्ट्रीय स्मारक घोषित कर दिया गया है.

वाटरफॉल 

यहां कई झरने मौजूद हैं. इनमें से 2800 फीट से अधिक ऊंचा सिल्वर फॉल या रजत प्रपात, बी-फॉल (मशहूर पिकनिक स्पॉट) , लिटिल फॉल, डचेस फॉल हैं.

महादेव मंदिर

यह एक गुफा मंदिर है, जो खूबसूरत पेंटिंग्स के लिए प्रसिद्ध है. यह गुफा लगभग 30 मीटर लंबी है.

कैसे पहुंचे 

सड़क मार्ग से पंचमढ़ी भोपाल और इंदौर से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. भोपाल के हबीबगंज बस टर्मिनल से बसें चलती हैं जो 5-6 घंटे में पंचमढ़ी पहुंचती हैं. पंचमढ़ी पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन पिपरिया है, जो केवल 50 किलोमीटर की दूरी पर है. अगर आप हवाई मार्ग से पहुंचना चाहते हैं, तो भोपाल और नागपुर यहां से नजदीकी एयरपोर्ट हैं.

 

कब जाएं

यहां का तापमान पूरे साल 25 डिग्री से कम रहता है इसलिए आप कभी भी यहां घूम सकते हैं.

कहा ठहरें

आपको यहां कम से कम कीमत में गेस्ट हाउस, होटल मिल जाएंगे.