दुनिया में 2 तरह के लोग होते हैं, एक जिनके लिए कोई सुनसान या रहस्यमय जगह एडवेंचर से भरी है, तो दूसरे वो जिनके लिए ऐसी जगहें किसी डरावने सपने जैसी है। अगर आप भी एडवेंचर के शौकीन हैं और दिल्ली के आसपास रहते हैं, तो आप दिल्ली की रहस्यमय और हान्टेड जगहों पर जा सकते हैं।  

दिल्ली कैंट

 
 
आर्मी की मौजूदगी की वजह से इसे दिल्ली के सबसे सुरक्षित इलाकों में शुमार किया जाता है। यह पूरा इलाका एक छोटे से जंगल की तरह दिखाई देता है जिसमे चारों तरफ हरे भरे पेड़ है। मगर सब कुछ इतना भी ठीक नहीं है जितना प्रचारित किया जाता है। कहा जाता है कि यहां सफेद लिबास में एक डरावनी बुजुर्ग महिला लोगों से लिफ्ट मांगती है, हालांकि आज तक किसी इंसान को नुक्सान पहुचाने की कोई खबर नहीं है।

 द्वारका (सेक्टर-9), मेट्रो स्टेशन, द्वारका

नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कॉल सेंटर के लोगों की शिकायत है कि इस इलाके मे लोगों को थप्पड़ पड़ते हैं। साथ ही वे बताते हैं कि उनके कैब के आगे एक औरत आ जाती है जो तेज रफ्तार से आगे-आगे दौडऩे के बाद गायब हो जाती है। अब इसे जानने के बाद, शायद आप इस इलाके में तेज नहीं चलेंगे।

हाउस नम्बर W -3, ग्रेटर कैलाश-1

एक बुजुर्ग दम्पति की हत्या इस मकान में कर दी गई थी, और इसकेबाद उनके मृत शरीर को वहीं की टंकी से महीने बाद बरामद किया गया। आस-पास रह रहे लोगों ने वहां से किसी के रोने और चीखने-चिल्लाने की आवाजें कई बार सुनी है। इस मकान में अब कोई नहीं रहता और इसे भुतहा घोषित कर दिया है।

जमाली-कमाली का मकबरा और मस्जिद, महरौली,

यह मस्जिद दिल्ली के महरौली में आर्केलॉजिकल कॉम्पलेक्स में स्थित है। यहां सोलवहीं शताब्दी के सूफी संत जमाली और कमाली की कब्र मौजूद है। इस इलाके में लोगों ने धक्का देने और मुक्के मारने की शिकायत की है, साथ ही वे बताते हैं कि यहां से औरतें के रोने और चीखने-चिल्लाने की आवाजें भी आती हैं।

संजय वन

किशनगढ़ और महरौली के नजदीक साउथ दिल्ली के बीचों-बीच बसे इस लगभग 10 किलोमीटर के जंगल ट्रेल में भरपूर हरियाली है। इस इलाके में बच्चों की आत्माएं होने का दावा किया गया है। लोगों का कहना है कि यहां उन्होंने बच्चों की चीख-पुकार की आवाजें सुनी हैं।

फिरोज़ शाह कोटला, विक्रमनगर

इस किले का निर्माण सन् 1534 में फिरोज़ शाह तुगलक ने करवाया था। इसके बारे मे कुख्यात है कि यहां की हवेलियों और खंडहरों पर जिन्नों का कब्जा है। आज भी हर गुरुवार यहां स्थानीय लोग आकर मोमबत्तियां और अगरबत्ती जलाकर जिन्नों से मन्नत और दुआएं मांगते देखे जा सकते हैं। किले के कुछ हिस्सों में कटोरे में दूध और कच्चा अनाज भी रखा मिलता है। इसे भूतों का किला भी कहा जाता है।

 निकोल्सन कब्रगाह, सिविल लाइंस

निकोल्सन कब्रगाह दिल्ली की सबसे पुराने कब्रगाहों में से एक है। इसे ब्रिटिश राज में स्थापित किया गया था। इस कब्रगाह में ब्रिटिश सैनिकों, उनके पत्नियों और बच्चों की कब्रें हैं। यहां जाने वाला कोई भी इंसान यहां दैवीय धमक महसूस कर सकता है, साथ ही यहां का सन्नाटा तो बस जानलेवा ही होता है।

ख़ूनी दरवाज़ा

ये नाम ही अपने-आप में डरावना है! ख़ूनी दरवाज़ा वो जगह है जो इतिहास में दर्ज है। यहां बहादुर शाह जफर के तीन लड़कों को अंग्रेजों ने गोली मार दी थी। कहते हैं कि आज भी इनकी आत्माएं आस-पास भटकती हैं और लोगों से उनके अपमान का बदला लेने पर उतारू रहती हैं।

 भूली भटियारी का महल, झंडेवालान

यह महल किसी ज़माने में तुगलक वंश का शिकारगाह हुआ करता था। इस महल का नाम ‘भूली भतियारी’, इसकी देखभाल करने वाली महिला के नाम पर पड़ा है। अंधेरा होना के बाद यहां परिंदा भी पर नहीं मारता। यहां सुनाई देने वाली अजीबोगरीब आवाजें इस माहौल को और डरावना बना देते हैं।