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चुपके-चुपके कुछ इस तरह बिगड़ चुका है किचन का बजट, आपको पता चला क्या?

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मोदी सरकार ने पिछले दो सालों में घरेलू ईंधन की कीमत में अच्छी खासी बढ़ोतरी की है, लेकिन संभवतः आम जनता इससे अवगत नहीं है.

नई दिल्लीः मोदी सरकार ने पिछले दो सालों में घरेलू ईंधन की कीमत में अच्छी खासी बढ़ोतरी की है, लेकिन संभवतः आम जनता इससे अवगत नहीं है. सरकार एक जून 2016 से अब तक किरोसीन की कीमत में 65 फीसदी और रियायती दर पर मिलने वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 17 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर चुकी है. सरकार ने कीमतों में यह बढ़ोतरी खजाने पर पड़ने वाले सब्सिडी के बोझ को कम करने के लिए किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी ने इसकी योजना को चौपट कर दिया है. सरकार पर सब्सिडी का बोझ भी पहले की तुलना में काफी अधिक बढ़ गया है.

किरोसीन की कीमत में 10 रुपये लीटर की बढ़ोतरी
ग्रामीण भारत के गरीब लोगों के लिए काफी अहम किरोसीन की कीमत पिछले दो साल में 15.02 रुपये लीटर से बढ़कर 25.03 रुपये लीटर हो गई है. सरकार ने हर 15 दिन पर इसकी कीमत में 25 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की नीति अपनाई थी. उसी के तहत कीमतों में ये वृद्धि हुई है. दूसरी तरफ सरकार इस पर पहले 11.7 रुपये प्रति लीटर सब्सिडी देती थी जो अब बढ़कर 18 रुपये प्रति लीटर हो गई है.

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इसी अवधि में सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 72.39 रुपये यानी करीब 17 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. हालांकि आम उपभोक्ता इसको लेकर अनभिज्ञ हैं क्योंकि सरकार ने इसमें थोड़ी-थोड़ी कर बढोतरी की है. एक जून को 14 किलो के एक रसोई गैस की कीमत 493.55 रुपये थी जो दो साल पहले की कीमत से 17 फीसदी अधिक है. वैसे सरकारी खजाने पर रसोई गैर दी जाने वाली सब्सिडी का बोझ भी बढ़ा है. पहले 129 रुपये सब्सिडी देनी पड़ती थी जो बढ़कर 205 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है. सरकार ने जून 2016 से रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में हर माह दो रुपये की बढ़ोतरी करने का फैसला किया था.

सरकार मौजूदा समय में अब के केवल किरोसीन और रसोई गैस सिलेंडर की कीमत को नियंत्रित करती है. सरकार की योजना किरोसीन की खतप में कमी लाने की है. इसी कारण पिछले तीन सालों में मोदी सरकार ने रिकॉर्ड रफ्तार में रसोई गैस कनेक्शन और बिजलीकरण को बढ़ावा दिया है. सरकार ने पिछले दो सालों में सब्सिडी वाले किरोसीन के आवंटन में 42 फीसदी की कटौती की है.

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