नई दिल्ली: कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के प्रस्ताव को मंगलवार को संवैधानिक ढांचे के विरुद्ध और ‘जुमला’ करार दिया और आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि केंद्र की मोदी सरकार के इरादे अच्छे नहीं हैं. पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने मीडियाकर्मियों से कहा, ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ में कोई दम नहीं है. यह सिर्फ जुमला है. इसका मकसद लोगों को बरगलाना और मूर्ख बनाना है.’ बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की कई मौकों पर वकालत कर चुके हैं.

इस विचार के पीछे इरादा अच्छा नहीं
पार्टी प्रवक्ता सिंघवी ने कहा, ‘एक साथ चुनाव की बात सुनने में अच्छी लगती है. लेकिन क्या यह संवैधानिक ढांचे को बरकरार रखते हुए व्यावहारिक रूप से संभव है.’ सिंघवी ने दावा किया, ‘इस विचार के पीछे इरादा अच्छा नहीं है. यह प्रस्ताव लोकतंत्र की बुनियाद पर कुठाराघात हैं. यह जनता की इच्छा के विरुद्ध है. इसके पीछे अधिनायकवादी रवैया है.’

क्या यह हमारे संघीय ढांचे का आदर करता है?
कांग्रेस प्रवक्ता सिंघवी ने सवाल किया, ‘क्या यह हमारे संघीय ढांचे का आदर करता है? क्या मतदाता के वोट के अधिकार का आदर करता है? क्या यह अविश्वास प्रस्ताव की व्यवस्था का आदर करता है? क्या किसी राज्य में सरकार जाने की स्थिति में लंबे समय तक राष्ट्रपति शासन रहेगा? हमारे विवेकशील संविधान निर्माताओं ने एक साथ चुनाव को अनिवार्य और बाध्यकारी क्यों नहीं बनाया?’ सिंघवी ने कहा कि खर्च को लेकर कुछ लोग घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं जिनके चुनाव पर खर्च के बारे में सबको पता है.