‘झिलमिल सितारों का आंगन होगा।’ आपने ये फिल्मी गाना तो जरूर सुना होगा लेकिन अगर आप इस गाने के शब्दों को हकीकत में बदलते हुए देखना चाहते हैं, तो आप राजस्थान के शहर उदयपुर में रात के समय ऐसा नजारा देख सकते हैं। आलीशान महलों के बीच चमचमाती रात देखकर आपकी ट्रिप और भी मजेदार बन जाएगी।

सिटी पैलैस

सिटी पैलैस को उदयपुर की शान कहा जाता है। इस महल का निर्माण शहर के संस्थापक महाराणा उदय सिंह-द्वितीय ने करवाया था। ये राजस्थान का सबसे बड़ा महल है। ये महल इतना बड़ा है कि इसके अंदर 11 छोटे महल बने हुए हैं। 1559 में सफ़ेद संगमरमर के पत्थरों से बना ये प्राचीन महल आज भी अपनी ख़ूबसूरती के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है।

विंटेज म्यूजियम 

सिटी पैलेस से करीब 2 किमी की दूरी पर स्थित है एक संग्रहालय जो विंटेज और पुरानी कारों के लिए जाना जाता है। पर्यटकों के देखने के‍ लिए यहां कई साल पुरानी विंटेज कारें रखी हुई हैं। लेकिन इन सभी कारों में 1934 की रॉल्स रॉयल फैंटम कार बेहद पसंद आएगी।

पिछोला लेक

पिछोला लेक उदयपुर शहर के आकर्षण का प्रमख केंद्र है। शहर के बीचों बीच स्थित इस लेक के ऊपर लेक पैलेस, जग मंदिर, मोहन मंदिर और अरसी विलास बने हुए हैं। ये उदयपुर की सबसे पुरानी और बड़ी लेक है।

फ़तेह सागर लेक

फ़तेह सागर लेक एक सुंदर कृत्रिम झील है जिसे महाराणा फ़तेह सिंह द्वारा वर्ष 1678 में विकसित किया था। ये उदयपुर के चार प्रमुख़ झीलों में से एक है। इसे शहर का गौरव माना जाता है। सुंदर नीले पानी और हरे भरे परिवेश की वजह से इसे ‘दूसरा कश्मीर’ भी कहा जाता है। इस झील के बीच में तीन छोटे टापू भी बने हैं।

मानसून पैलेस

 

एक समय में ये जगह राज परिवार के लिए मानसून के समय ठहरने की जगह हुआ करती थी। सफ़ेद चमकदार मार्बल से बने इस पैलेस का आर्किटेक्चर बेहद शानदार है। इस महल की खिड़की से ठीक नीचे देखने पर पिछोला झील का शानदार नज़ारा दिखाई देता है।

सहेलियों की बाड़ी

सहेलियों की बाड़ी को महाराजा उदयसिंह ने ख़ासतौर पर शाही परिवार की महिलाओं के लिए बनवाया था। ताकि महिलाएं यहां पेड़ पौधे और फव्वारों के बीच आराम कर सकें। ये जगह भी पर्यटकों को बेहद आकर्षित करती हैं।