नई दिल्ली. राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव दिलचस्प मोड़ पर खत्म हुआ. पहले मजबूत दिख रहा विपक्ष अंत में एनडीए से पिछड़ गया. एनडीए के उम्मीदवार हरिवंश नारायण सिंह को जहां 125 वोट मिले, वहीं विपक्ष के हरिप्रसाद को 105 वोट मिले. हरिवंश जेडीयू से राज्यसभा सांसद हैं और बिहार सीएम नीतीश कुमार के काफी करीबी माने जाते हैं.

30 जून 1956 को यूपी के बलिया में जन्म हरिवंश प्रसाद ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से इकॉनमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. उन्होंने बीएचयू के पत्रकारिता विभाग से डिप्लोमा किया है. एक इंटरव्यू में हरिवंश ने बताया है कि उन्होंने अपनी पहली नौकरी 500 रुपये में की थी.
हरिवंश के बारे में कहा जाता है कि बीएचयू में पढ़ाई के दौरान ही वह जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से प्रभावित हो गए थे और इस आंदोलन में कूद पड़े. समाजवादी आंदोलन में इनकी सक्रिय भूमिका रही. साल 1977 में हरिवंश ने ट्रेनी जर्नलिस्ट के रूप में टाइम्स ऑफ इंडिया ज्वाइन कर लिया था. बाद में वह मुंबई चले गए और धर्मयुग ज्वाइन कर लिया. वह साल 1981 तक इस लोकप्रिय मैग्जिन से जुड़े रहे.
यहीं से हरिवंश ने फिर से अपनी लाइन चेंज की और बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी करने लगे. वह वहां साल 1981 से लेकर 1984 तक रहें. इसके बाद एक बार फिर उन्होंने पत्रकारिता की तरफ रूख किया और ‘रविवार’ मैग्जिन के साथ असिस्टेंट एडिटर के तौर पर जुड़ गए. साल 1989 में उन्होंने रांची का अखबार ‘प्रभात खबर’ ज्वाइन कर लिया.

हरिवंश की प्रतिभा ही रही कि प्रभात खबर दिन प्रतिदिन बढ़ता गया और उसके एडिशन झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में कई जगह छपने लगे. साल 1990 में चंद्रशेखर के प्रधानमंत्री बनने पर हरिवंश उनके मीडिया सलाहकार बन गए.