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मराठा आरक्षण: छिटपुट झड़पों के अतिरिक्त शांतिपूर्ण रहा महाराष्ट्र बंद

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सीएम फडणवीस के सरकारी नौकरियों, शैक्षणिक संस्थानों में मराठाओं को आरक्षण देने पर कार्य के आश्वासन के बावजूद बंद का आह्वान

 मुंबई: रोजगार और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर मराठा समूहों द्वारा प्रायोजित बंद मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को छोड़कर महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में गुरुवार को शांतिपूर्ण रहा. बंद के आह्वान के साथ ही आयोजकों सकल मराठा समाज, मराठा क्रांति मोर्चा व अन्य संबंधित समूहों ने बंद के समर्थकों से हिंसा मुक्त बंद और पुलिस के साथ सहयोग करने की अपील की थी. वहीँ दूसरी ओर स्ट्राइक पर गए सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल भी समाप्त हो गई. राज्य सरकार ने कर्मचारियों की विभिन्न मांगों में से 3 मांगें मान लीं हैं.

कुछ हिस्सों में यातायात बाधित रहा
मराठा प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण की मांग को लेकर महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में सड़क यातायात बाधित कर दिया. अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने लातूर, जालना, सोलापुर और बुलढाणा जिलों में सड़कों पर बसों तथा अन्य वाहनों को रोक दिया. मराठा समूह की एक संस्था सकल मराठा समाज ने नवी मुंबई को छोड़कर पूरे महाराष्ट्र में आज ‘बंद’ का आह्वान किया था. नवी मुंबई में समुदाय के प्रदर्शनों के दौरान पिछले महीने बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी. मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में केवल सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किए गए. पश्चिमी और मध्य रेलवे पर उपनगरीय ट्रेन सेवा सामान्य रूप से जारी रही.

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एमएसआरटीसी ने बंद रखी सेवायें
सकल मराठा समाज के एक नेता अमोल जाधवराव ने बुधवार को कहा था कि वे गुरूवार सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे. महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) ने हालांकि एहतियातन बंद के मद्देनजर व्यवधान से बचने के लिए राज्य के अधिकांश हिस्सों में अपनी सेवाओं को रद्द करने का फैसला किया था. लातूर, सोलापुर, कोल्हापुर, पालघर और कई अन्य स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने सड़क यातायात को अवरुद्ध कर दिया जबकि पुणे, अहमदनगर, वाशिम, धुले, बुलढाना, नांदेड़, अकोला, परभनी, जालना, हिंगोली, औरंगाबाद पूरी तरह से बंद रहा.

अधिकांश स्कूल-कालेज बंद रहे
औरंगाबाद, उस्मानाबाद और अहमदनगर जैसे कई जिलों में सावधानी बरतते हुए प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं को बंद करवा दिया था. प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार के बारामती (पुणे जिला) स्थित घर के बाहर प्रदर्शन किया. स्कूल-कालेज को बंद से मुक्त रखा गया था लेकिन शिक्षकों व छात्रों के समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण अधिकांश स्कूल-कालेज बंद रहे.

प्रशासन ने हिंसा की आशंका के मद्देनजर पुणे समेत कुछ शहरों में स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया था. हालांकि नवी मुंबई बंद की जद से बाहर है लेकिन एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमिटी (एपीएमसी) बंद में शामिल रही. एपीएमसी के अधिकारियों ने बताया कि मराठा समूहों ने आवश्यक सेवाओं को बंद के दायरे से बाहर रखा है लेकिन राज्य के कुछ हिस्सों में सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित हुई.

मुंबई के दादर इलाके में एक सब्जी विक्रेता ने कहा कि उन पर बंद का दबाव नहीं है लेकिन उन्होंने आरक्षण की मांग के समर्थन में स्वेच्छा से काम ना करने का फैसला किया है. सतारा में राज्य परिवहन की कोई बस नहीं चलीं और सभी वाहन बस स्टैंड पर खड़े रहे. सतारा में सभी पेट्रोल पंप और सब्जी बाजार भी बंद रहे. आरक्षण समर्थक प्रदर्शनकारियों ने पुणे जिले में बाइक रैली भी निकाली. लातूर में आरक्षण समर्थक एक समूह ने आधी रात से सड़कों को बाधित कर दिया ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित की.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नासिक, बुलढाणा और सोलापुर जिलों में भी ऐसे ही प्रदर्शन हुए जहां प्रदर्शनकारियों ने आज सुबह कुछ इलाकों में सड़कों को अवरुद्ध कर दिया. ओस्मानाबाद और बुलढाणा जिलों में सरकारी परिवहन सेवाएं आंशिक तौर पर प्रभावित हैं ताकि किसी तरह की क्षति से बचा जा सके. प्रदर्शनकारियों ने पिछले महीने प्रदर्शन के दौरान कई बसों को निशाना बनाया था.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आश्वासन दिया था कि उनकी सरकार सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में मराठाओं को आरक्षण देने पर काम कर रही है लेकिन इसके बावजूद बंद बुलाया गया. महाराष्ट्र पुलिस ने कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है. (इनपुट एजेंसी)

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