लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रदेश की सरकार की तरफ से आयोजित तीन दिवसीय ‘वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) समिट का शुभारंभ किया. इस मौके पर उन्होंने 75 जिलों के उत्पादों की प्रदर्शनी देखी और बटन दबाकर व्यापारियों को 1,006 करोड़ रुपये का ऋण दिया.

लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट’ समिट के दौरान ही कानपुर के व्यापारी अतुल शर्मा को लेदर शूज के बिजनेस के लिए 35 लाख रुपये ऋण मिला. लखनऊ के मोहित वर्मा को चिकनकारी के लिए 10 लाख रुपये का ऋण मिला. सरकार ने हर साल एक लाख लोगों को ओडीओपी योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है. उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पहला ऐसा प्रदेश है, जो ओडीओपी के माध्यम से लोगों को उनके घर में ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए परंपरागत कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दे रहा है. प्रदेश में इस समय 8,900 करोड़ रुपये के उत्पाद का निर्यात होता है, जिसे बढ़ाकर दो लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है.

ओडीओपी समिट से हर जिले के उत्पाद को मिलेगी पहचान : योगी
‘वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) समिट के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जापान और थाईलैंड जैसे देशों से उन्हें ओडीओपी समिट कराने की प्रेरणा मिली. योगी ने इस मौके पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों ने तो इन्वेसटर्स समिट पर भी सवाल खड़े किए थे लेकिन उनको शायद सरकार की गंभीरता का अंदाजा नहीं था. उन्होंने कहा कि हर गांव, हर जिले की कुछ न कुछ अपनी खासियत है. कहीं चिकनकरी तो कहीं कालीन, कहीं पीतल तो कहीं इत्र. हम कह सकते हैं कि यूपी के हर जिले में ही अच्छे-अच्छे उद्योग हैं. लेकिन पिछली सरकारों ने उन उद्योगों को आगे ले जाने पर ध्यान नहीं दिया.

प्रोडक्‍ट का चुनाव करने के लिए टीमें लगाईं
योगी ने कहा कि हर गांव और हर जिले के प्रमुख उत्पादों को ही आगे ले जाने के लिए इस समिट का आयोजन किया गया है. जब ओडीओपी के तहत प्रोडक्ट का चुनाव करने के लिए अलग-अलग टीमे जिलों में लगाईं गईं, तब बहुत कुछ मिला था. उन्हीं उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति ने कुछ महीने पहले इन्वेसटर्स समिट का समापन किया था. उन्होंने कहा कि इन्वेसटर्स समिट को लेकर बहुत सवाल उठाए गए, लेकिन सरकार ने सवाल उठाने वालों को अपने काम से जवाब दिया है. सरकार ने पांच महीने के भीतर ही 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश लाकर दिखाया है कि सरकार की मंशा साफ है.

यूपी सरकार ने 60 हजार करोड़ की 81 परियोजनाओं का एक साथ किया शिलान्‍यास
योगी ने कहा कि सरकार ने 60 हजार करोड़ रुपये की 81 परियोजनाओं का एक साथ शिलान्यास करवाया. अभी 50 हजार करोड़ रुपये तक की योजनाएं पाइपलाइन में हैं. वे भी जल्द ही धरातल पर दिखेंगी. उन्होंने कहा कि सरकार ने ओडीओपी के लिए ही अपने बजट में 250 करोड रुपये का इंतजाम किया था. इसके लिए धन की कमी नहीं होगी. उप्र अपने परिश्रम और पुरुषार्थ से देश में अपनी छवि बदलने का काम करेगा. यूपी सरकार इस दिशा में पूरी गंभीरता से काम कर रही है.