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36 साल बाद हॉकी का गोल्ड जीतने के लिए उतरेंगी भारतीय महिलाएं

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18वें एशियाई खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम फाइनल मुकाबले में जापान से भिड़ेगी. भारतीय महिलाएं 36 साल बाद एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने की कोशिश करेगी.

18वें एशियाई खेलों के फाइनल में जगह बनाने वाली भारतीय महिला टीम शुक्रवार को जापान को हराकर 36 साल बाद स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतरेगी.  अगर भारतीय टीम सोने का तमगा हासिल करने में कामयाब होती है, तो उसे लगातर दो बार ओलंपिक में खेलेने का सम्मान भी प्राप्त होगा. फाइनल मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 6.30 बजे से खेला जाएगा. भारत ने 1982 में दिल्ली में हुए नौवें एशियाई खेलों में पहली बार स्वर्ण पदक जीता था.

दूसरे गोल्ड के लिए भारतीय महिलाएं तैयार

बुधवार को चीन के खिलाफ हुए एक रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में 1-0 की जीत दर्ज करते हुए भारत ने फाइनल में जगह बनाई है. डिफेंडर गुरजीत कौर ने 52वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के जरिए मैच का एकमात्र गोल करते हुए भारत को साल 1998 में बैंकॉक में हुए एशियाई खेलों के बाद पहली बार फाइनल में पहुंचाया. भारतीय महिला टीम ने इन खेलों में अब तक एक स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य पदक हासिल किए हैं. इस बार टीम ने ग्रुप स्तर के अपने सभी मुकाबलों में जीत दर्ज की है जिससे हर खिलाड़ी का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है.

टूर्नामेंट में ऐसा रहा भारतीय टीम का सफर

भारत ने इस टूर्नामेंट के ग्रुप स्तर के मुकाबलों में इंडोनेशिया (8-0), कजाकिस्तान (21-0), दक्षिण कोरिया (4-1) और थाईलैंड (5-0) को करारी शिकस्त दी. हर मैच की तरह फाइनल मुकाबले में भी आक्रमण की जिम्मेदारी कप्तान रानी रामपाल के कंधों पर होगी. रानी ने कहा, ‘जापान के खिलाफ फाइनल मुकाबला रोमांचक होगा. हम मैच जीतने के लिए अपना 100 प्रतिशत देंगे.’

2020 टोक्यो ओलंपिक क्वालिफिकेशन पर नजर

रानी ने कहा, ‘टीम जानती है कि वह यहां एक ही लक्ष्य हासिल करने आई है और वह है 2020 टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करना. इसलिए हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हम एशिया की सबसे बेहतरीन टीम की तरह खेलें और अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत करे.’ टूर्नामेंट में पुरुष टीम की तरह भारतीय टीम के डिफेंस का प्रदर्शन भी शानदार रहा है. दीप ग्रेस इक्का, दीपिका, गुरजीत कौर, सुनीता लाकड़ा और युवा खिलाड़ी रीमा खोकहर ने डिफेंस में अहम भूमिका निभाई है.

खिलाड़ी एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं

मुख्य कोच सोर्ड मारिने ने कहा, ‘हमने पूरे टूर्नामेंट के दौरान बेहतरीन डिफेंस किया है और टैकलिंग में हम शानदार है. हमने दक्षिण कोरिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ ही केवल एक गोल खाया और इससे हमारी खिलाड़यों का आत्मविश्वास बहुत बढ़ा है. सभी ने अपने काम को बखूबी किया जिससे हमारा डिफेंस मजबूत हुआ और इसी कारण हमें हर मैच में मजबूत आधार मिला.’

जापान के खिलाफ सतर्क होकर खेलना होगा

मारिने ने जापान के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर कहा, ‘हम जापान के खिलाफ खेल चुके हैं और हमें पता है कि वह एक मजबूत टीम है, लेकिन मैं समझता हूं कि हमारे पास दुनिया की सबसे बेहतरीन टीम को हराने की क्षमता है. हमारे लिए जरूरी है कि हम अपनी योजना पर अमल करें.’

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