BREAKING NEWS
post viewed 52 times

त्रिपुरा का दूसरा सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला अखबार-40 साल पुराने अखबार ‘देशारकथा’ की मान्यता रद्द

sitaram-yechury

CPI(M) ने बीजेपी सरकार पर बोला हमला

पार्टी का दावा है कि राज्य में पिछले 40 सालों से प्रकाशित हो रहा यह अखबार त्रिपुरा का दूसरा सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला अखबार है.

नई दिल्ली: माकपा ने त्रिपुरा की बीजेपी सरकार द्वारा राज्य के अग्रणी अखबार दैनिक ‘देशारकथा’ की मान्यता रद्द करने की निंदा करते हुए इसे प्रेस की आजादी पर हमला बताया है. माकपा पोलित ब्यूरो ने मंगलवार को इस बारे में बयान जारी कर कहा ‘त्रिपुरा की भाजपा सरकार का यह कदम निंदनीय है. राज्य में पिछले 40 सालों से प्रकाशित हो रहा यह अखबार त्रिपुरा का दूसरा सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला अखबार है.

बयान में कहा गया है कि पश्चिमी त्रिपुरा जिले के जिलाधिकारी ने निरर्थक और मनगढ़ंत आधार पर अखबार की मान्यता रद्द कर दी. इसके आधार पर अखबारों के पंजीयक ने भी इसके पंजीकरण का प्रमाणपत्र वापस ले लिया. पोलित ब्यूरो ने इसे प्रेस की आजादी पर कुठाराघात बताते हुये कहा ‘गांधी जयंती के दिन देशारकथा का प्रकाशन बंद होना बेहद दुख है.’

आपको बता दें कि आरएनआई के पत्र के अनुसार पश्चिम त्रिपुरा सदर उप मंडल मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट के आधार पर ‘देशारकथा’ का रजिस्ट्रेशन रद्द किया गया है. पंजीकरण रद्द करने की सिफारिश करने के लिए कथित तौर पर स्वामित्व के अनधिकृत परिवर्तन को आधार बनाया गया है. आरएनआई द्वारा सोमवार को समाचार पत्र को नोटिस दिया गया. चार दशकों में ऐसा पहली बार हुआ जब मंगलवार को इस अखबार का प्रकाशन नहीं हो सका.

सीपीआई (एम) ने इस फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का एलान किया है. पार्टी का आरोप है कि बीजेपी के सत्ता में आन के बाद लेफ्ट के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है. 26 सितंबर को हुई राजकीय ब्यूरो की बैठक में पार्टी ने इस मुद्दे को उठाया था.

 

SHAREShare on Facebook0Share on Google+0Tweet about this on TwitterShare on LinkedIn0

Be the first to comment on "त्रिपुरा का दूसरा सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला अखबार-40 साल पुराने अखबार ‘देशारकथा’ की मान्यता रद्द"

Leave a comment

Your email address will not be published.


*