लखनऊ: कार नहीं रोकने पर गोली चलाने वाले विवेक तिवारी हत्याकांड के आरोपी पुलिसकर्मी प्रशांत चौधरी के पक्ष में उतर आए. आज दिन भर यूपी के कई इलाकों में पुलिसकर्मियों ने प्रशांत पर हो रही कार्रवाई के विरोध में काली पट्टी बाँध कर ब्लैक डे मनाया. यह तब हुआ जब यूपी के डीजीपी ने कहा कि कोई भी पुलिस कर्मी ऐसा नहीं करेगा. इसके बाद भी ऐसा किया गया. इस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए तीन एसओ व तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है. लखनऊ के एसएसपी कलानिधि ने इनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं.

एसएसपी कलानिधि ने बताया कि अलीगंज के थाना प्रभारी अजय कुमार यादव, गुडंबा के प्रभारी धर्मेश कुमार व नाका कोतवाली के प्रभारी परशुराम सिंह को हटा दिया गया है. वहीँ, गुडंबा में तैनात सिपाही जितेंद्र कुमार वर्मा, अलीगंज में तैनात सुमित कुमार व नाका में तैनात गौरव चौधरी को निलंबित कर दिया गया है. इससे पहले सोशल मीडिया पर डीजीपी को चुनौती देने वाले एटा के सिपाही सर्वेश चौधरी को निलंबित कर उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की जा चुकी है. यूपी पुलिस के आलाधिकारियों के अनुसार अन्य जिलों से भी ब्लैक डे मनाने वालों की लिस्ट मंगाई जा रही है.

बता दें कि राजधानी में हुए विवेक तिवारी हत्‍याकांड में यूपी पुलिस के कुछ सिपाही मुख्‍य आरोपी के सर्मथन में उतर आए हैं. आलम यह है कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का विरोध करते हुए ब्‍लैक डे मनाया जा रहा है. यूपी पुलिस प्रमुख की चेतावनी के बावजूद राजधानी सहित सूबे के अनेक थानों में सिपाहियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया. उधर, मुख्‍य आरोपी के समर्थन में फेसबुक पर अभियान चलाने वाले सिपाही सर्वेश चौधरी को सस्पेंड कर दिया गया है. कई दिन पहले ही पुलिस से जुड़े संगठन ने पांच अक्‍टूबर को ब्‍लैक डे मनाने की घोषणा की थी. इसको लेकर फेसबुक से लेकर अन्‍य सोशल साइडों पर जोरशोर से अभियान भी चलाया जा रहा था.

आज जगह-जगह प्रदेश के पुलिस थानों में ब्‍लैक डे मनाए जाने की जानकारी मिली है. इसको लेकर सोशल मीडिया पर सिपाहियों की काली पट्टी बांधकर तस्‍वीरें भी वायरल हो रही हैं. बता दें कि एटा के कॉन्स्टेबल सर्वेश चौधरी पर कार्रवाई के आदेश के बाद यूपी डीजीपी के निर्देश पर राज्य के तमाम आला अधिकारी हर जिलों में सिपाहियों से संवाद किया. इस दौरान शुक्रवार को राजधानी लखनऊ के गुड़म्बा, नाका, अलीगंज सहित एसएसपी ऑफिस तक में यूपी पुलिस के सिपाही बांह पर काली पट्टी बांधे दिखाई दिए.

लखनऊ: राजधानी में हुए विवेक तिवारी हत्‍याकांड में यूपी पुलिस के कुछ सिपाही मुख्‍य आरोपी के सर्मथन में उतर आए हैं. आलम यह है कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का विरोध करते हुए ब्‍लैक डे मनाया जा रहा है. यूपी पुलिस प्रमुख की चेतावनी के बावजूद राजधानी सहित सूबे के अनेक थानों में सिपाहियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया. उधर, मुख्‍य आरोपी के समर्थन में फेसबुक पर अभियान चलाने वाले सिपाही सर्वेश चौधरी को सस्पेंड कर दिया गया है.

बता दें कि कई दिन पहले ही पुलिस से जुड़े संगठन ने पांच अक्‍टूबर को ब्‍लैक डे मनाने की घोषणा की थी. इसको लेकर फेसबुक से लेकर अन्‍य सोशल साइडों पर जोरशोर से अभियान भी चलाया जा रहा था. आज जगह-जगह प्रदेश के पुलिस थानों में ब्‍लैक डे मनाए जाने की जानकारी मिली है. इसको लेकर सोशल मीडिया पर सिपाहियों की काली पट्टी बांधकर तस्‍वीरें भी वायरल हो रही हैं. बता दें कि एटा के कॉन्स्टेबल सर्वेश चौधरी पर कार्रवाई के आदेश के बाद यूपी डीजीपी के निर्देश पर राज्य के तमाम आला अधिकारी हर जिलों में सिपाहियों से संवाद किया. इस दौरान शुक्रवार को राजधानी लखनऊ के गुड़म्बा, नाका, अलीगंज सहित एसएसपी ऑफिस तक में यूपी पुलिस के सिपाही बांह पर काली पट्टी बांधे दिखाई दिए.

आरोपी के समर्थन में भेजा सीएम को खत
विवेक तिवारी हत्‍याकांड के आरोपी के समर्थन में आए पुलिस वालों का कहना है कि मामले की जांच किए बिना सिपाही को बर्खास्त कर जेल भेजा गया है. इसके बाद पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन ने भी आरोपी पुलिसवालों के पक्ष में सीएम को पत्र भेजा है. पत्र में कहा गया है कि अब तक जितने भी पुलिस वालों ने ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई है उनके परिवार वालों को 40-40 लाख रुपये दिए जाएं. साथ ही उनके परिवार वालों और बच्चों को सरकारी नौकरी दी जाए.