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अयोध्या विवादित भूमि पर मूल रूप से बौद्ध मंदिर था-मोदी के मंत्री

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मंत्री बोले-हिन्दू और मुस्लिमों को अयोध्या मुद्दे पर लड़ना नहीं चाहिए और इस पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए.

 केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने अयोध्या को लेकर अगल बयान दिया है. मोदी के मंत्री का दावा है कि विवादित भूमि पर मूल रूप से एक बौद्ध मंदिर था. उन्होंने कहा कि हिन्दू और मुस्लिमों को अयोध्या मुद्दे पर लड़ना नहीं चाहिए और इस पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि विवादित भूमि पर मूल रूप से एक बौद्ध मंदिर था. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आधारित पुस्तक ‘मुसलमान और योगी आदित्यनाथ’ का विमोचन करते हुए अठावले ने हिन्दू-मुस्लिम एकता की वकालत की और कहा कि भारत को मजबूत देश बनाने के लिए यह जरूरी है.

केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने शुक्रवार को कहा कि कुछ मुस्लिमों को ‘गौरक्षा’ के नाम पर अत्याचार झेलना पड़ा. उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों से हिन्दुओं द्वारा पूजी जाने वाली गाय के संरक्षण के लिए आगे आने का अनुरोध किया. अठावले ने कहा, मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद कुछ मुस्लिमों को अत्याचारों का सामना करना पड़ा. गौरक्षा के नाम पर उत्पात मचाया गया, लेकिन मुस्लिमों को भी गाय की रक्षा करनी चाहिए क्योंकि हिन्दू इस पशु (गाय) को पूजते हैं.

केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ने कहा कि मोदी और आदित्यनाथ ‘मुस्लिम विरोधी नहीं’ हैं जो प्रधानमंत्री के नारे ‘सबका साथ सबका विकास’ में भी झलकता है. अठावले ने आदित्यनाथ की प्रशंसा में उनके द्वारा रची कुछ पंक्तियां पढ़कर सुनाईं. उन्होंने पंक्तियों में कहा, ‘‘यूपी में चमक रहा है योगी आदित्यनाथ का तारा, हिन्दू-मुसलमान को लड़ाने वालों के बजा देंगे बारह.’

वहीं विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए वह ‘अंतिम लड़ाई’ लड़ रही है और इस वर्ष के अंत तक संसद में एक अध्यादेश लाने के लिए भाजपा नीत केन्द्र सरकार के लिए एक ‘समय सीमा’ तय की गई है.

राम जन्मभूमि न्यास के कार्यकारी प्रमुख महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में विहिप की उच्च स्तरीय समिति की यहां हुई एक दिवसीय बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें संसद में एक अध्यादेश लाने की मांग की गई, जो उत्तर प्रदेश के अयोध्या में विवादित स्थल पर एक भव्य राम मंदिर के निर्माण का रास्ता निकालेगा.

बैठक के बाद संतों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और उन्हें प्रस्ताव की एक प्रति सौंपी और उनसे अनुरोध किया कि सरकार उनकी मांगों को पूरा करें. विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार के लिए इस वर्ष के अंत तक संसद में अध्यादेश लाये जाने की ‘‘समयसीमा’’ तय की गई है.

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