लखनऊ: राम मंदिर निर्माण की मांग के समर्थन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अयोध्या आकर आश्वासन देने की जिद पर अड़े तपस्वी छावनी के उत्तराधिकारी महंत परमहंस दास का आमरण अनशन शनिवार को छठवें दिन भी जारी रहा. इस बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फिर से उनका परीक्षण किया. डॉक्टरों की टीम ने रिपोर्ट दी है कि अब तक परमहंस का वजन 15 किलो तक कम हो चुका है.

राम मंदिर निर्माण के लिए अनशन पर बैठे परमहंस किसी भी सूरत में अनशन खत्म करने को तैयार नहीं हैं. अनशन स्थल पर पत्रकारों से बातचीत में उन्‍होंने कहा कि वह किसी दल के सदस्य नहीं है और न ही उनके साथ किसी संगठन की शक्ति है. वह साधु हैं, इसलिए हर दल के लोग उनसे मिलने आते हैं. कांग्रेस के लोगों ने सूचना दी है कि राहुल गांधी उनसे मिलने आना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि वह भाजपा विरोधी नहीं है. उन्होंने दावा किया कि वह प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में उनका चुनाव प्रचार करने गए थे. उन्होंने कहा कि मोदी का कार्यकाल भी प्रशंसनीय है. विशेष रूप से विदेश नीति लेकिन यदि शून्य के आगे अंक न हो तो शून्य ही रह जाता है. उसी तरह से राम मंदिर का निर्माण उनके कार्य के आगे अंक प्रदान करने जैसा है, अन्यथा सब शून्य ही सिद्ध होगा.

आंदोलन को मिल रहा समर्थन
बता दें कि शुक्रवार को किन्नर गुलशन बिंदु के नेतृत्व में तमाम किन्नरों ने तपस्वी छावनी पहुंचकर महंत परमहंस दास की आरती कर पूजन किया और जय श्रीराम का नारा लगाया. साथ ही भजन भी गाए. गुलशन बिंदु ने पीएम मोदी और सीएम योगी को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अनशन कर रहे महंत को कुछ होता है तो किन्नर समाज की बद दुआएं सरकार को झेलनी पड़ेंगी. इसके बाद वहां पर माली समाज, पंडा समाज व भारतीय किसान यूनियन ने भी अनशन स्थल पर जाकर महंत परमहंस के साथ राम मंदिर निर्माण की हुंकार भरी. वहीं, अयोध्या आ रहे श्रद्धालु भी महंत परमहंस के दर्शन करने पहुंच रहे हैं.