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UP-BIHAR के लोगों का गुजरात से पलायन, इंडस्ट्री पर दिखने लगा असर, प्रोडक्शन घटा

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28 सितंबर को 14 महीने की एक बच्ची के साथ कथित रेप की घटना के बाद गुजरात में रह रहे हिन्दी भाषी लोगों पर हमले हो रहे हैं.

नई दिल्ली: गुजरात के साबरकांठा जिले में 28 सितंबर को 14 महीने की एक बच्ची के साथ कथित रेप की घटना के बाद गुजरात में रह रहे हिन्दी भाषी लोगों पर हमले हो रहे हैं. ये हमले राज्य के मुख्य हिस्से तक पहुंच गए हैं. रविवार रात आनंद स्थित बाल अमूल प्लांट में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले 9 लोगों पर हमले किए गए. गुजरात में बिगड़ते हालात को देखते हुए उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों ने गुजरात के सीएम विजय रुपाणी से इस मामले में बातचीत की और स्थिति की समीक्षा की.

अबतक 56 केस
वहीं गुजरात में हिंदीभाषी प्रवासियों पर हमले के बाद उनके पलायन को देखते हुए राज्य के औद्योगिक इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने लोगों से हिंसा में शामिल नहीं होने की अपील की. रुपाणी ने दावा किया कि पिछले 48 घंटों में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई. प्रवासियों पर हमले के अबतक 56 केस दर्ज किए गए हैं. 431 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. यूपी-बिहार के लोगों पर हमले उन जगहों पर हुए हैं जहां बच्ची से रेप हुआ था या उन जगहों पर जहां ठाकुर समुदाय बहुसंख्यक है. हिम्मतनगर, मेहसांणा, गांधीनगर, अहमदाबाद के अलावा बड़ोदरा, आनंद और पंचमहल्स में प्रवासियों पर हमले हो रहे हैं. जिस बच्ची के साथ रेप की घटना हुई वह ठाकोर समुदाय से थी.

अहमदाबाद से 25 हजार लोगों का पलायन
अहमदाबाद में, रविवार रात कबीर मंदिर के पास गोदाम में आग लगाने की घटना के बाद 100 से अधिक प्रवासी पलायन कर चुके हैं. हिन्दी भाषी लोगों के खिलाफ हेट मैसेज पोस्ट करने के आरोप में 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गुजरात से यूपी और एमपी के लिए बस चलाने वाले ऑपरेटर महिपत्सिन राजवत ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि सिर्फ अहमदाबाद से दो दिनों में कम से कम 25 हजार लोग पलायन कर चुके हैं.

प्रोडक्शन घटा
प्रवासी श्रमिकों के पलायन की वजह से औद्योगिक इकाइयों पर बुरा असर पड़ा है. गुजरात की इंडस्ट्री बाहरी श्रमिकों पर निर्भर हैं. त्योहारों के मौसम में हिन्दी भाषी लोगों के पलायन की वजह से उत्पादन 20 प्रतिशत घट गया है. सनंद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एसआईए) के अध्यक्ष अजीत शाह का कहना है कि उत्तर गुजरात में कार्यरत बिहार और उत्तर प्रदेश के 12,000 मजदूर अपने घरों की ओर पलायन कर चुके हैं. सिर्फ सानंद से पिछले कुछ दिनों में 4,000 प्रवासी श्रमिक राज्य छोड़कर जा चुके हैं.

हिंसा के पीछे कांग्रेस नेता का हाथ?
हालांकि, सूरत, कच्छ, मोरबी, जामनगर और राजकोट में पर्याप्त प्रवासी आबादी वाले बड़े औद्योगिक केंद्रों पर इसका असर नहीं पड़ा है. यहां की फैक्ट्रियों ने सरकार की ओर से दी गई अतिरिक्त सुरक्षा लिया है.इस बीच, गांधीनगर में सोमवार को पुलिस ने कांग्रेस नेता महोत ठाकुर जो कि ठाकुर सेना का सदस्य है को गिरफ्तार कर लिया. यह कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकुर की ओर से खड़ा किया गया संगठन है. पुलिस ने हिन्दी भाषी लोगों को धमकाने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है. इस वीडियो के आधार पर 4 अन्य को भी गिरफ्तार किया गया है.

वायरल हुआ था वीडियो
आरोप है कि प्रवासियों के खिलाफ विरोध अलपेश ने शुरू किया था, जो बिहार के एआईसीसी प्रभारी सचिव हैं. गौरतलब है कि अप्लपेश का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वह कह रहे हैं कि बाहरी लोगों की वजह से राज्य में हिंसा बढ़ रही है. उनकी वजह से यहां के गुजरातियों को रोजगार नहीं मिल रहा है क्या यह राज्य सच में गुजरातियों का है. इस वीडियो के सामने आने के बाद कांग्रेस के लिए शर्मनाक स्थिति हो गई है और इस मुद्दे पर उसे अपने कदम पीछे खींचने पड़े हैं. यहां तक कि अल्पेश के मित्र पाटीदार नेता हार्दिक पटेल और दलित नेता जिग्नेश मेवानी तक को यह कहना पड़ा कि अगर इस हिंसा के पीछे अल्पेश का हाथ है तो उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए.

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