लखनऊ -कुंभ के दौरान संगम पर साफ पानी देने के लिए योगी सरकार कड़े कदम उठाने जा रही है। इसके तहत गंगा किनारे के सभी उद्योगों को तीन महीने या तो गंदे पानी का जीरो डिस्चार्ज करना होगा या फिर उन्हें अपना उत्पादन ही तीन महीने के लिए ठप करना होगा। उद्योग ऐसा किस तरह करेंगे, इसके लिए उन्हें ही अपना एक्शन प्लान भी सरकार को देना होगा। इसके बाद एक उच्च स्तरीय समिति इन सभी प्लान की समीक्षा करेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव, कानपुर सहित प्रदेश की सभी टेनरियों को भी 15 दिसंबर से 15 मार्च तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गंगा के किनारे स्थापित सभी उद्योगों को गंदा पानी नदी में न छोडऩे की सख्त हिदायत भी दी है। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने को कहा है। ध्यान रहे, पिछले दिनों कानपुर के टैनरी संचालकों ने मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव अनूप चन्द्र पाण्डेय से मुलाकात कर उनसे तीन महीने टैनरी बंद नहीं कराने का अनुरोध किया था।

उन्हें जवाब मिला कि यदि उनके पास जीरो डिस्चार्ज की कोई योजना है तो उसे पेश करें और सरकार उसका परीक्षण कराने के बाद ही कोई निर्णय लेगी। फिलहाल यह तय हो गया है कि सभी उद्योगों को तीन महीने अपने यहां का गंदा पानी नदियों में न बहाने की कार्ययोजना देनी होगी। ऐसा न करने वाले उद्योगों को तीन माह के लिए अपना उत्पादन बंद करना होगा।

उन्नाव आरओ ने खुद ही दे दिया था टैनरी बंदी का आदेश

कुंभ के दौरान टैनरियों सहित सभी उद्योगों के संचालन व बंदी को लेकर सरकार का विस्तृत एक्शन प्लान अभी बन ही रहा है लेकिन इस बीच प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उन्नाव के क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) विमल कुमार ने अपने स्तर से तीन महीने टैनरी बंदी का नोटिस जारी कर दिया। आरओ ने यह नोटिस 29 जून को ही उन्नाव की टैनरियों को भेज दिया था। इस बात की जानकारी जब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों को हुई तो उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारी को फटकार लगाते हुए उनसे जवाब-तलब किया। इसके बाद मुख्य पर्यावरण अधिकारी ने आरओ का नोटिस पांच अक्टूबर को निरस्त कर दिया। हालांकि यह रहस्य फिर भी नहीं सुलझ सका कि आरओ ने ऐसा किया क्यों?

शासन जारी करेगा टैनरी बंदी का आदेश

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव आशीष तिवारी कहते हैं कि कुंभ के दौरान टैनरियों सहित सभी उद्योगों को जीरो डिस्चार्ज करना होगा। इसकी बंदी का आदेश कोई क्षेत्रीय अधिकारी अपने स्तर से जारी नहीं कर सकते हैं। इसलिए उन्नाव के क्षेत्रीय अधिकारी के आदेश को निरस्त किया गया है। शासन इस बारे में जल्द एक समग्र आदेश जारी करेगा। इसमें टैक्सटाइल्स सहित सभी उद्योग शामिल होंगे।